देहरादून | 19 अक्टूबर 2026
📢 उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर बढ़े हैं। जुलाई 2021 के बाद प्रदेश में तीन राजकीय नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए गए हैं, जिनसे 321 अतिरिक्त सीटें मिली हैं। सरकारी और निजी संस्थानों को मिलाकर नर्सिंग पाठ्यक्रमों की कुल सीटें अब 11,495 हो गई हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में नर्सिंग शिक्षा के विस्तार, शिक्षकों की नियुक्ति और युवाओं को देश-विदेश में रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में 60 अभ्यर्थियों को जापान और वर्ष 2025 में 13 अभ्यर्थियों को जर्मनी में रोजगार मिला।
🏥 तीन राजकीय नर्सिंग कॉलेजों से 321 सीटों की बढ़ोतरी
उत्तराखंड में जुलाई 2021 के बाद स्थापित तीन राजकीय नर्सिंग कॉलेजों में अलग-अलग पाठ्यक्रमों की 321 सीटें बढ़ाई गई हैं। इनमें बीएससी नर्सिंग की 151, एमएससी नर्सिंग की 120, एनपीसीसी की 20 और एनपीएम की 30 सीटें शामिल हैं।
इन संस्थानों में एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग सहित विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। प्रदेश के राजकीय नर्सिंग कॉलेजों में अब कुल 879 सीटें हैं।
🌍 जापान और जर्मनी में भी मिल रहा रोजगार
उत्तराखंड के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण के साथ जापानी, जर्मन और स्पेनिश भाषाओं का ज्ञान भी दिया जा रहा है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2023 में दो बैचों के 60 अभ्यर्थियों को जापान में रोजगार मिला। वहीं, वर्ष 2025 में 13 अभ्यर्थियों को जर्मनी में नौकरी मिली।
📚 निजी नर्सिंग संस्थानों में 10,616 सीटें
प्रदेश में निजी नर्सिंग शिक्षा का दायरा भी बढ़ा है। जुलाई 2021 के बाद 76 निजी नर्सिंग संस्थानों को पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए अनिवार्यता प्रमाणपत्र जारी किए गए और विभिन्न पाठ्यक्रमों में 5,138 सीटों को मंजूरी दी गई।
इसके साथ निजी नर्सिंग संस्थानों में कुल सीटों की संख्या 10,616 पहुंच गई है। इन संस्थानों में उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों के विद्यार्थी भी दाखिला ले रहे हैं।
सरकारी और निजी संस्थानों की सीटों को मिलाकर प्रदेश में नर्सिंग पाठ्यक्रमों की कुल क्षमता 11,495 हो गई है।
👨🏫 शिक्षकों की नियुक्ति और शैक्षिक गुणवत्ता पर जोर
चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना के अनुसार, नर्सिंग शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों की नियुक्ति और नए पदों के सृजन पर काम किया गया है।
दिसंबर 2021 में 40 ट्यूटर नियुक्त किए गए। जून 2025 तक 26 और ट्यूटरों की नियुक्ति हुई, जिससे नियमित नर्सिंग ट्यूटरों की संख्या 66 हो गई।
अक्टूबर 2022 में आठ असिस्टेंट प्रोफेसर और एक एसोसिएट प्रोफेसर सहित नौ संकाय सदस्यों की नियुक्ति की गई। इसके अलावा विभिन्न शैक्षणिक पदों का सृजन किया गया। नवंबर 2025 में सात संकाय सदस्यों की नियुक्ति भी की गई।
🎯 16 असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ी
चिकित्सा शिक्षा निदेशालय ने 16 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों की अंतिम परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाई है। इसके अतिरिक्त, सितंबर माह में 30 ट्यूटरों की भर्ती के लिए अधियाचन उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को भेजा गया।
📝 नर्सिंग की पढ़ाई के लिए हर साल 12 से 15 हजार आवेदन
हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की ओर से नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित परीक्षा में हर साल लगभग 12,000 से 15,000 अभ्यर्थी आवेदन करते हैं। यह आंकड़ा प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा के प्रति युवाओं की रुचि को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के अनुसार, राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। नर्सिंग संस्थानों का विस्तार, शैक्षणिक सुविधाओं को मजबूत करना और युवाओं को देश-विदेश में रोजगार से जोड़ना इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है।








