देहरादून | 14 अक्टूबर 2026
🏔️ भारतीय तटरक्षक बल और हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट (HMI), दार्जिलिंग के संयुक्त पर्वतारोहण दल ने 7,045 मीटर ऊंचे माउंट मुकुट ईस्ट का सफल आरोहण कर इतिहास रच दिया है। भारतीय तटरक्षक बल के इतिहास में पहली बार 7,000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली पर्वत चोटी पर सफल अभियान पूरा किया गया है। उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 गौरवशाली वर्षों को समर्पित इस अभियान के दौरान शिखर पर 2,500 वर्ग फुट का विशाल उत्तराखंड ध्वज भी फहराया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में अभियान दल का फ्लैग-इन कर पर्वतारोहियों का स्वागत किया और इस उपलब्धि के लिए सभी सदस्यों को बधाई दी।
🏔️ दुर्गम हिमालय में साहस और टीमवर्क की मिसाल
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हिमालय की कठिन परिस्थितियों में इतनी ऊंचाई पर पर्वतारोहण करना साहस, अनुशासन, दृढ़ इच्छाशक्ति और सामूहिक प्रयास का परिचायक है। उन्होंने इसे भारतीय तटरक्षक बल और पूरे देश के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान साहस, शौर्य और पर्वतारोहण की समृद्ध परंपरा से जुड़ी है। राज्य के 25 वर्षों की यात्रा को समर्पित इस अभियान ने हिमालय के साथ प्रदेश के गहरे संबंध को भी रेखांकित किया है।
🇮🇳 शिखर पर फहराया गया 2,500 वर्ग फुट का उत्तराखंड ध्वज
अभियान की विशेष उपलब्धियों में माउंट मुकुट ईस्ट की चोटी पर विशाल उत्तराखंड ध्वज फहराना शामिल रहा। यह अभियान उत्तराखंड राज्य स्थापना के 25 गौरवशाली वर्षों को समर्पित था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे अभियान युवाओं को कठिन परिश्रम करने, अनुशासन बनाए रखने और लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन और पर्वतारोहण की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार इन गतिविधियों को बढ़ावा देने और युवाओं को साहसिक खेलों से जोड़ने के लिए प्रयासरत है।
🎯 वर्ष 2027 में एवरेस्ट अभियान की तैयारी
हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट, दार्जिलिंग के प्राचार्य और अभियान के नेतृत्वकर्ता कर्नल रजनीश जोशी ने बताया कि भारतीय तटरक्षक बल वर्ष 2027 में अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे करेगा। इस स्वर्ण जयंती के अवसर पर माउंट एवरेस्ट अभियान प्रस्तावित है।
इस अभियान की तैयारियों के तहत पर्वतारोहियों के चयन और प्रशिक्षण की जिम्मेदारी हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट को दी गई है। माउंट मुकुट ईस्ट का आरोहण भी इसी तैयारी का हिस्सा था।
मुख्यमंत्री धामी ने विश्वास जताया कि इस अभियान से हासिल अनुभव वर्ष 2027 के प्रस्तावित एवरेस्ट अभियान में उपयोगी साबित होगा।
📅 15 सितंबर से 9 अक्टूबर तक चला पर्वतारोहण अभियान
कर्नल रजनीश जोशी के अनुसार, संयुक्त पर्वतारोहण अभियान 15 सितंबर से 9 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया गया। इस दौरान दल ने 7,045 मीटर ऊंचे माउंट मुकुट ईस्ट का सफल आरोहण किया।
उन्होंने बताया कि एवरेस्ट अभियान की तैयारियों के क्रम में दल इससे पहले सिक्किम हिमालय की माउंट बी.सी. रॉय और माउंट थिंचेनखांग चोटियों का भी सफल आरोहण कर चुका है।
इन अभियानों से पर्वतारोहियों को उच्च हिमालयी परिस्थितियों में अनुकूलन, तकनीकी कौशल और टीम के बीच बेहतर समन्वय का अनुभव प्राप्त हुआ।
🌊 समुद्री सुरक्षा बल की पर्वतारोहण क्षमता भी आई सामने
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय तटरक्षक बल देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बल के जवानों का हिमालय की ऊंचाइयों पर इस तरह का अभियान पूरा करना उनके प्रशिक्षण और साहसिक क्षमता को दर्शाता है।
माउंट मुकुट ईस्ट अभियान से मिले अनुभव को आगामी एवरेस्ट अभियान की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
👥 कार्यक्रम में ये अधिकारी और सदस्य रहे मौजूद
मुख्यमंत्री आवास में आयोजित फ्लैग-इन कार्यक्रम में भारतीय तटरक्षक बल के अपर महानिदेशक आनंद प्रकाश बडोला, उप महानिरीक्षक हिमांशु नौटियाल, उप महानिरीक्षक डी.एस. चौहान, कमांडेंट अमित उनियाल और कमांडेंट विश्वजीत सिंह उपस्थित रहे।
इसके अलावा एचएमआई के पासांग तेनजिंग शेरपा और संयुक्त अभियान दल के अन्य सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए।










