हरकी पैड़ी पर CM धामी ने की गंगा आरती, PM मोदी के 25 साल के सार्वजनिक सेवा सफर पर मांगा आशीर्वाद

हरिद्वार | 12 अक्टूबर 2026

🙏 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हरिद्वार की हरकी पैड़ी पर मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ मां गंगा की पूजा-अर्चना और आरती की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन के साथ देश व उत्तराखंड की सुख-समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना की।

गंगा पूजन के बाद हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) सभागार में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। इस पहल के जरिए राज्य सरकार प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में शासन की पहुंच बढ़ाने की कोशिश को आगे बढ़ा रही है।

🙏 हरकी पैड़ी पर मंत्रिमंडल के साथ गंगा पूजन

मुख्यमंत्री धामी ने कैबिनेट मंत्रियों के साथ विधि-विधान से मां गंगा की पूजा की और आरती में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने राष्ट्र की उन्नति, जनकल्याण और विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि के लिए भी प्रार्थना की।

यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में सरकार के प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर किया गया। नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने सरकार के प्रमुख के तौर पर 25 वर्षों का कार्यकाल पूरा किया है।

🏛️ गंगा तट पर हुई उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक

हरिद्वार के मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) सभागार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। इसमें कैबिनेट मंत्रियों के साथ मुख्य सचिव और शासन के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।

राज्य सरकार प्रदेश के विभिन्न जनपदों में मंत्रिमंडल की बैठकें आयोजित कर स्थानीय जरूरतों और क्षेत्रीय विकास से जुड़े विषयों को शासन के स्तर पर प्राथमिकता देने का प्रयास कर रही है।

📍 बनबसा के बाद हरिद्वार में कैबिनेट बैठक

धामी सरकार इससे पहले चम्पावत जिले के बनबसा में भी मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित कर चुकी है। उस बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे।

हरिद्वार में बैठक आयोजित करने का उद्देश्य भी शासन को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के करीब लाना और स्थानीय विकास व जनहित से जुड़े विषयों पर ध्यान केंद्रित करना है।

सरकार की इस पहल के तहत अलग-अलग जनपदों में कैबिनेट बैठकें आयोजित कर क्षेत्रीय आवश्यकताओं को शासन स्तर पर रखने और जनहित से जुड़े निर्णयों को गति देने का प्रयास किया जा रहा है।