देहरादून | 14 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक खानपान, स्थानीय उत्पादों और पहाड़ों के अनछुए पर्यटन स्थलों को दुनिया तक पहुंचाने में सोशल मीडिया अहम भूमिका निभा सकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘शाइनिंग स्टार्स ऑफ उत्तराखंड-2026’ कार्यक्रम में कंटेंट क्रिएटर्स से संवाद करते हुए युवाओं से राज्य की सकारात्मक पहचान मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बाजार दिलाने, रिवर्स माइग्रेशन, वेडिंग डेस्टिनेशन, फिल्म शूटिंग और पर्यटन जैसे विषयों पर भी अपना दृष्टिकोण साझा किया।
📱 सोशल मीडिया से दुनिया तक पहुंचेगी उत्तराखंड की पहचान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड के प्रमुख सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, यूट्यूबर्स, कलाकारों और कंटेंट क्रिएटर्स से बातचीत की। उन्होंने युवाओं के सवालों के जवाब दिए और प्रदेश के विकास में उनकी रचनात्मक भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।
सीएम धामी ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए उत्तराखंड की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और ग्रामीण जीवन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा सकती है। उन्होंने क्रिएटर्स को तथ्यपरक सामग्री बनाने और केवल व्यूज बढ़ाने के लिए भ्रामक जानकारी साझा करने से बचने की सलाह भी दी।
🏔️ मसूरी-नैनीताल से आगे भी हैं पर्यटन के कई विकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का पर्यटन केवल मसूरी, नैनीताल, ऋषिकेश और हरिद्वार तक सीमित नहीं है। मिलम और पिंडारी ग्लेशियर, चकराता, माणा और मलारी जैसे स्थलों में भी पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि इन स्थानों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ सकती है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार, ग्रामीण कारोबार को बढ़ावा और गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।
🛍️ ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ को वैश्विक बाजार दिलाने पर जोर
सीएम धामी ने महिला स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय शिल्पकारों और पारंपरिक उत्पाद बनाने वाले लोगों के काम को अधिक लोगों तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया स्थानीय उत्पादों के प्रचार और बिक्री का प्रभावी माध्यम बन सकता है।
मुख्यमंत्री ने ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड और ‘वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट्स’ पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग और बाजार तक पहुंच बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स से पहाड़ी व्यंजनों, हस्तनिर्मित वस्तुओं और पारंपरिक शिल्प को भी अपने वीडियो और रील में जगह देने का आग्रह किया।
⚖️ नकल विरोधी कानून और UCC पर क्या बोले मुख्यमंत्री?
कार्यक्रम में नकल विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (UCC) और मदरसा बोर्ड से जुड़े निर्णयों पर भी सवाल पूछे गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े फैसले लेते समय राज्यहित और आने वाली पीढ़ियों पर उनके संभावित प्रभाव को ध्यान में रखा जाता है।
UCC पर उन्होंने बताया कि कानून तैयार करने की प्रक्रिया में लगभग तीन लाख लोगों के सुझाव संकलित किए गए। उनके अनुसार, महिलाओं के अधिकारों और समानता को मजबूत करना भी इस पहल के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।
नकल विरोधी कानून पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि मेहनत करने वाले युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर अवसर मिल सकें।
🏡 रिवर्स माइग्रेशन और होमस्टे से रोजगार की उम्मीद
पहाड़ों से पलायन रोकने और लोगों को गांवों में रोजगार उपलब्ध कराने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने पर्यटन, होमस्टे, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उत्पादों की बिक्री का उल्लेख किया।
उन्होंने संवाद के दौरान लगभग 44 प्रतिशत रिवर्स माइग्रेशन का आंकड़ा साझा किया। हालांकि, कार्यक्रम में इस आंकड़े का आधार या गणना का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी, नए पर्यटन स्थलों का विकास और स्थानीय उद्यमिता ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के अवसर बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं।
💍 उत्तराखंड को वेडिंग डेस्टिनेशन बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में विवाह पर्यटन की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने त्रियुगीनारायण, मसूरी, देहरादून, ऋषिकेश, रामनगर और मुक्तेश्वर जैसे स्थानों का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि बेहतर होटल सुविधाओं, सड़क संपर्क और हवाई सेवाओं के विस्तार से राज्य को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने में मदद मिल सकती है। इस दिशा में कंटेंट क्रिएटर्स से सुझाव भी मांगे गए।
🎬 फिल्म शूटिंग और फिल्म सिटी पर कलाकारों ने रखे सुझाव
कार्यक्रम में फिल्म जगत से जुड़े कलाकारों ने उत्तराखंड में फिल्म सिटी स्थापित करने और स्थानीय स्तर पर फिल्म निर्माण की सुविधाएं बढ़ाने का सुझाव दिया।
मुख्यमंत्री ने कलाकारों की बात सुनी और कहा कि प्रदेश में फिल्म शूटिंग तथा मनोरंजन उद्योग से जुड़ी संभावनाओं को आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण की गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
🚧 कनेक्टिविटी और कुंभ की तैयारियों पर भी चर्चा
मुख्यमंत्री ने दिल्ली-देहरादून मार्ग, हवाई सेवाओं, पंतनगर एयरपोर्ट के विकास और पर्वतीय क्षेत्रों में हेली सेवाओं के विस्तार से जुड़े प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने माणा, चकराता और हनोल जैसे क्षेत्रों की पर्यटन क्षमता को सामने लाने पर भी जोर दिया।
हरिद्वार में आगामी कुंभ की तैयारियों के सवाल पर उन्होंने घाटों, यातायात, पार्किंग, सुरक्षा, स्वच्छता और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आयोजन की बेहतर व्यवस्थाओं के लिए संबंधित पक्षों के साथ समन्वय जरूरी है।
🌟 युवाओं को मेहनत, अनुशासन और जिम्मेदार कंटेंट का संदेश
अपनी जीवन यात्रा से जुड़े सवालों पर मुख्यमंत्री ने ग्रामीण परिवेश में बिताए बचपन और शुरुआती अनुभवों को साझा किया। उन्होंने युवाओं को मेहनत करने, जिम्मेदारियां समझने और आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
उन्होंने योग, ध्यान, संतुलित खानपान और अनुशासित दिनचर्या को सक्रिय जीवन के लिए उपयोगी बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का विश्वास उन्हें प्रदेश के लिए लगातार काम करने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न कंटेंट क्रिएटर्स को सम्मानित किया। इसमें गायक पवनदीप राजन, यूट्यूबर सौरव जोशी, अवंतिका भट्ट, तनु रावत, आरजे काव्या, प्रियंका कंडवाल और आशा नेगी सहित उत्तराखंड से जुड़ी कई जानी-मानी प्रतिभाएं शामिल हुईं।
‘शाइनिंग स्टार्स ऑफ उत्तराखंड-2026’ के जरिए राज्य सरकार और डिजिटल क्रिएटर्स के बीच संवाद तथा सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।










