देहरादून | अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस
📱 उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 149 मेधावी बालिकाओं को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्मार्टफोन देकर सम्मानित किया। देहरादून के आईआरटीडी प्रेक्षागार में आयोजित ‘बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम’ में मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों के प्रति सम्मान तभी सार्थक है, जब उन्हें सुरक्षा, शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।
कार्यक्रम में महिला सशक्तीकरण, डिजिटल शिक्षा, छात्रवृत्ति, रोजगार और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं पर भी चर्चा हुई।
🌸 कन्या पूजन के साथ बेटियों को समान अवसर देना भी जरूरी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस और शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन का एक साथ होना विशेष संयोग है। भारतीय संस्कृति में कन्याओं को शक्ति का स्वरूप माना जाता है, लेकिन उनके प्रति वास्तविक सम्मान शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसर सुनिश्चित करने से ही दिखाई देता है।
उन्होंने कहा कि बेटियां परिवार की खुशियों के साथ समाज की ताकत और देश के भविष्य की भी आधारशिला हैं। मुख्यमंत्री ने सम्मानित छात्राओं को बधाई देते हुए उन्हें अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करने की प्रेरणा दी।
📚 नंदा गौरा योजना में बेटियों को मिल रही आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा और रोजगार तक सहायता देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है।
नंदा गौरा योजना के तहत बेटी के जन्म पर 11 हजार रुपये और 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस योजना से अब तक चार लाख से अधिक बेटियां लाभान्वित हो चुकी हैं।
उन्होंने सरकारी नौकरियों में महिलाओं को दिए जा रहे 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का भी उल्लेख किया। इसके अलावा मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना के जरिए माताओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य एवं पोषण पर ध्यान दिया जा रहा है, जबकि मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने वाले बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
💻 स्मार्टफोन और टैबलेट से डिजिटल शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में डिजिटल शिक्षा और आधुनिक तकनीक का महत्व लगातार बढ़ रहा है। मेधावी छात्राओं को स्मार्टफोन देने का उद्देश्य उन्हें तकनीक से जोड़ना और ज्ञान हासिल करने के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि राजकीय विद्यालयों में कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं को टैबलेट उपलब्ध कराने के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से धनराशि देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
राज्य में कक्षा एक से 12वीं तक राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना और गार्गी संस्कृत बालिका छात्रवृत्ति योजना के जरिए भी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
निःशुल्क साइकिल योजना और महिला छात्रावासों के निर्माण जैसी पहल भी बालिका शिक्षा को आगे बढ़ाने के प्रयासों में शामिल हैं।
👩💻 कौशल विकास से आत्मनिर्भर बनेंगी बेटियां
सीएम धामी ने कहा कि बालिकाओं को पढ़ाई के साथ कौशल विकास, नवाचार और स्वरोजगार से जोड़ना भी जरूरी है।
उन्होंने ड्रोन दीदी योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इसके माध्यम से ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। वहीं, आलम्बन आर्ट, आलम्बन गांव और आलम्बन कैफे जैसी पहलों के जरिए जरूरतमंद महिलाओं और किशोरियों को आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, नव्या 2.0 के तहत हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर की किशोरियों एवं युवतियों को कौशल विकास और उद्यमिता का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
🛡️ बालिकाओं की सुरक्षा और बाल विवाह रोकने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों को सुरक्षित माहौल देना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। बाल विवाह और अन्य सामाजिक बुराइयों की रोकथाम के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि अनाथ बच्चों को राजकीय सेवाओं में पांच प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही पॉक्सो मामलों से प्रभावित बच्चों को कानूनी सहायता और मानसिक देखभाल उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक जनपद में सपोर्ट पर्सन की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर बेटी को भयमुक्त वातावरण में पढ़ने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।
🎯 पांच साल में 35 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
युवाओं के भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, ताकि मेहनती अभ्यर्थियों के साथ अन्याय न हो।
उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं। मुख्यमंत्री ने छात्राओं से बड़े सपने देखने, लगातार मेहनत करने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।
👩🎓 रेखा आर्य ने भी मेधावी छात्राओं को दी बधाई
कार्यक्रम में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि मेधावी बालिकाओं को सम्मानित करने का उद्देश्य उनकी उपलब्धियों को पहचान देना और दूसरी छात्राओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने सम्मानित छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, अपर सचिव कर्मेंद्र सिंह, महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास निदेशक बंशीलाल राणा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।










