पंचकूला | 2 अक्टूबर 2026
पंचकूला के ताऊ देवीलाल क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित नमो क्रिकेट लीग में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट खेलकर उनका उत्साह बढ़ाया। देश के अलग-अलग हिस्सों से 30 से अधिक टीमों ने इस लीग में हिस्सा लिया। 🏏
मैदान पर मुख्यमंत्री को खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट खेलते देख मौजूद खिलाड़ियों और खेलप्रेमियों में उत्साह नजर आया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं और खिलाड़ियों को नशे से दूर रहने तथा खेल को जीवन का हिस्सा बनाने की शपथ भी दिलाई।
🏏 खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतरे मुख्यमंत्री धामी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि खेल के मैदान में उतरने का अनुभव अलग होता है। खिलाड़ियों के साथ क्रिकेट खेलने पर उन्होंने प्रसन्नता जताई।
उन्होंने कहा कि खेल व्यक्ति को किसी लक्ष्य तक पहुंचने के लिए टीम भावना, अनुशासन, लगातार प्रयास और समर्पण के साथ आगे बढ़ना सिखाता है।
नमो क्रिकेट लीग में शामिल खिलाड़ियों से मुख्यमंत्री ने बातचीत भी की। उन्होंने उनकी खेल प्रतिभा और उत्साह की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
🚫 ‘क्रिकेट को हां, नशे को ना’ का संदेश
कार्यक्रम का एक प्रमुख संदेश युवाओं को नशे से दूर रखने से जुड़ा रहा। मुख्यमंत्री ने उपस्थित खिलाड़ियों और युवाओं को नशे के खिलाफ शपथ दिलाई।
उन्होंने युवाओं से स्वयं नशे से दूर रहने के साथ अपने साथियों और आसपास के अन्य युवाओं को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘क्रिकेट को हां और नशे को ना’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि युवाओं को स्वस्थ, सकारात्मक और अनुशासित जीवन की दिशा में आगे बढ़ाने का संकल्प है।
💪 “लत लगानी है तो खेल और फिटनेस की लगाएं”
मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि यदि जीवन में किसी चीज की आदत डालनी है तो वह खेल और फिटनेस की होनी चाहिए।
उन्होंने युवाओं को अपने सपनों और लक्ष्यों को हासिल करने का जुनून रखने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा नशे के बजाय खेल, रचनात्मकता और राष्ट्र निर्माण में लगनी चाहिए।
उनके मुताबिक नशा केवल व्यक्ति को प्रभावित नहीं करता, बल्कि उसका असर परिवार और समाज पर भी पड़ता है।
🎯 खेल से अनुशासन और नेतृत्व की सीख
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों का महत्व केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है। खेल युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व, धैर्य और टीम भावना विकसित करने का माध्यम हैं।
उन्होंने कहा कि खेल के मैदान में जीत खिलाड़ी को विनम्र रहना सिखाती है, जबकि हार से सीख लेकर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
🇮🇳 ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को मिली नई पहचान का उल्लेख किया।
उन्होंने ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया’ जैसे अभियानों का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे युवाओं को खेलों और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने का काम हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों और छोटे शहरों से निकलने वाली खेल प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन कर रही हैं।
🏅 हरियाणा की खेल प्रतिभाओं की सराहना
मुख्यमंत्री ने हरियाणा को खेल प्रतिभाओं के लिए विशेष पहचान रखने वाला राज्य बताया। उन्होंने कहा कि यहां के खिलाड़ियों ने ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियन गेम्स और राष्ट्रमंडल खेलों सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन किया है।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता के पीछे वर्षों का परिश्रम, अनुशासन, संघर्ष और लक्ष्य के प्रति समर्पण होता है।
🏏 “खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे लाजवाब”
मुख्यमंत्री ने खेलों को लेकर समाज में बदलती सोच का भी जिक्र किया। उन्होंने पुराने समय में प्रचलित कहावत “पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे तो होगे खराब” का उल्लेख करते हुए कहा कि अब खेलों को लेकर सोच में बदलाव आया है।
उन्होंने कहा कि आज खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर और मंच मिल रहे हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि अब यह कहा जा सकता है—“खेलोगे-कूदोगे तो बनोगे लाजवाब।”
🤝 युवाओं से नशे के खिलाफ जागरूकता की अपील
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक युवा नशे से दूर रहेगा तो उसका परिवार प्रभावित होने से बचेगा और परिवार मजबूत होगा तो समाज भी मजबूत होगा।
उन्होंने युवाओं से खुद नशे से दूर रहने और अपने आसपास के लोगों को भी नशे के खिलाफ जागरूक करने की अपील की।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री के साथ खिलाड़ियों और युवाओं ने सामूहिक रूप से ‘नशे को ना, खेल को हां’ का संकल्प लिया।










