न्यूयॉर्क, 26 सितंबर 2026: संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर की प्रेस ब्रीफिंग उस समय सुर्खियों में आ गई, जब एक पाकिस्तानी पत्रकार ने भारत पर आतंकवाद को लेकर सवाल दाग दिया। जयशंकर ने पलटकर कहा—“A terrorist country is asking me that question. Come on.”
यह घटनाक्रम 25 सितंबर को न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में हुआ। जयशंकर और लाइबेरिया की विदेश मंत्री सारा बेइसोलोव न्यांती समुद्री जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर शुरू किए गए Group of Friends on Safety and Security of Shipping and Seafarers पर मीडिया को संबोधित कर रहे थे।
आतंकवाद पर सवाल, जयशंकर ने दिलाया पाकिस्तान का रिकॉर्ड याद
प्रेस ब्रीफिंग के दौरान एक पाकिस्तानी पत्रकार ने सवाल किया कि भारत सरकार पाकिस्तान में आतंकवाद को कथित तौर पर समर्थन देना कब बंद करेगी। इस पर जयशंकर ने सीधे जवाब देते हुए कहा—
“A terrorist country is asking me that question. Come on.”
भारत के संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने इसके बाद पत्रकार से कहा कि उसने विदेश मंत्री का जवाब सुन लिया है और जवाब बिल्कुल स्पष्ट है।
🇮🇳 जिस देश से सवाल आया, उसके सामने आतंकवाद का पुराना रिकॉर्ड भी चर्चा में
जयशंकर का यह जवाब ऐसे समय आया है, जब पाकिस्तान को लेकर आतंकवादी संगठनों और आतंकवाद से जुड़े कई अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड पहले से मौजूद हैं।
सबसे चर्चित उदाहरण अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का है। अमेरिका ने मई 2011 में पाकिस्तान के एबटाबाद में एक परिसर पर कार्रवाई कर उसे मार गिराया था। तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा था कि बिन लादेन पाकिस्तान के भीतर एक परिसर में छिपा हुआ था। अमेरिकी रिकॉर्ड के अनुसार, वह एबटाबाद के एक सुरक्षित परिसर में रह रहा था।
यानी जिस पाकिस्तान से भारत से आतंकवाद पर सवाल पूछा जा रहा था, उसी देश के एबटाबाद में दुनिया के सबसे वांछित आतंकवादियों में शामिल ओसामा बिन लादेन वर्षों तक छिपा रहा।
🚨 UN की सूची में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन भी दर्ज
आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान का संदर्भ केवल ओसामा बिन लादेन तक सीमित नहीं है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 Sanctions List में पाकिस्तान स्थित संगठन Lashkar-e-Tayyiba (LeT) को आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
UN के रिकॉर्ड के अनुसार, LeT ने 1993 से अनेक आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया है और उसे 2008 के मुंबई आतंकी हमलों सहित कई हमलों से जोड़ा गया है।
ऐसे अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड के बीच पाकिस्तान से आए पत्रकार का भारत पर आतंकवाद संबंधी सवाल पूछना UN में हुई इस प्रेस ब्रीफिंग को और ज्यादा चर्चा में ले आया।
🚢 असल मुद्दा था दुनिया के समुद्री रास्तों की सुरक्षा
हालांकि प्रेस ब्रीफिंग का मुख्य विषय भारत और लाइबेरिया की समुद्री सुरक्षा पहल था। दोनों देशों ने Group of Friends on Safety and Security of Shipping and Seafarers की शुरुआत की है।
पहली बैठक में 25 देशों ने भाग लिया। भारत ने commercial shipping और seafarers पर बढ़ते हमलों को लेकर चिंता जताई।
जयशंकर ने Gulf, Red Sea और Black Sea क्षेत्र में commercial shipping को निशाना बनाए जाने की घटनाओं को गंभीर चिंता का विषय बताया और कहा कि ऐसे हमले समुद्री व्यापार तथा निर्दोष लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा हैं।
🌍 UN में भारत ने उठाया वैश्विक सुरक्षा का मुद्दा
भारत की पहल का फोकस केवल किसी एक देश पर नहीं, बल्कि दुनिया के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।
भारत बड़ी संख्या में seafarers उपलब्ध कराने वाले देशों में शामिल है, जबकि लाइबेरिया दुनिया की प्रमुख shipping registries में से एक है। ऐसे में दोनों देशों की यह पहल समुद्री सुरक्षा पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की कोशिश के तौर पर सामने आई है।
लेकिन प्रेस ब्रीफिंग के अंत में पाकिस्तान से जुड़े पत्रकार के सवाल और जयशंकर के जवाब ने पूरे घटनाक्रम को भारत-पाकिस्तान के आतंकवाद विवाद के संदर्भ में भी सुर्खियों में ला दिया।
🇮🇳 संदेश साफ था—सवाल पूछने से पहले रिकॉर्ड भी देखा जाता है
UN जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर जयशंकर ने पत्रकार के सवाल का लंबा राजनीतिक भाषण देने के बजाय कुछ शब्दों में जवाब दिया। इसके बाद पाकिस्तान और उससे जुड़े आतंकवाद के अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड एक बार फिर चर्चा में आ गए।









