देहरादून | 23 सितंबर 2026
‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ में हरिद्वार की छात्रा लवप्रीत कौर ने अपनी जरूरत से पहले उन विद्यार्थियों की चिंता रखी, जिनके पास ऑनलाइन पढ़ाई के लिए जरूरी डिजिटल संसाधन नहीं हैं। उनकी बात के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को टैब उपलब्ध कराने की घोषणा की थी।
अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर शिक्षा विभाग के अधिकारी लवप्रीत के घर पहुंचे और उन्हें टैब सौंपा। टैब मिलने पर लवप्रीत के चेहरे पर खुशी नजर आई और उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। 🎓
💻 लवप्रीत ने उठाया था जरूरतमंद विद्यार्थियों का मुद्दा
‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ के दौरान विद्यार्थियों को अपनी बात सीधे मुख्यमंत्री के सामने रखने का मौका मिला था। इसी दौरान हरिद्वार की कक्षा 11वीं की छात्रा लवप्रीत कौर ने ऑनलाइन पढ़ाई के लिए डिजिटल संसाधनों की जरूरत का मुद्दा उठाया।
लवप्रीत ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों की समस्या का जिक्र करते हुए ऐसे विद्यार्थियों के लिए मोबाइल, लैपटॉप या अन्य डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने की जरूरत बताई थी।
उनकी बात का केंद्र केवल उनकी व्यक्तिगत जरूरत नहीं थी, बल्कि उन विद्यार्थियों की परेशानी थी जो आर्थिक कारणों से ऑनलाइन पढ़ाई के लिए जरूरी उपकरण नहीं जुटा पाते।
📢 कार्यक्रम में ही हुई टैब से जुड़ी घोषणा
लवप्रीत के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैब उपलब्ध कराने के लिए DBT के माध्यम से उनके खातों में धनराशि देने की घोषणा की थी।
सरकार की ओर से डिजिटल शिक्षा से विद्यार्थियों को जोड़ने के उद्देश्य से यह पहल बताई गई है।
🏠 मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद घर पहुंचा टैब
लवप्रीत द्वारा कार्यक्रम में उठाए गए मुद्दे के बाद मुख्यमंत्री ने उनकी आवश्यकता का संज्ञान लिया। इसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से शिक्षा विभाग के अधिकारियों को उनके घर जाकर टैब उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
निर्देश के अनुपालन में शिक्षा विभाग के अधिकारी लवप्रीत के घर पहुंचे और उन्हें टैब सौंपा। 📱
टैब मिलने पर लवप्रीत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार जताया।
📚 ऑनलाइन पढ़ाई में काम आएगा डिजिटल संसाधन
टैब मिलने से लवप्रीत को ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल शैक्षणिक सामग्री और इंटरनेट आधारित अध्ययन के लिए एक डिजिटल माध्यम उपलब्ध हुआ है।
वहीं, राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को टैब उपलब्ध कराने की घोषित व्यवस्था का उद्देश्य डिजिटल संसाधनों तक विद्यार्थियों की पहुंच बढ़ाना है।
👧 अपनी जरूरत से पहले दूसरे विद्यार्थियों की चिंता
लवप्रीत की इस पहल में खास बात यह रही कि उन्होंने बातचीत के दौरान उन विद्यार्थियों की समस्या सामने रखी, जिनके परिवार ऑनलाइन पढ़ाई के लिए जरूरी उपकरण खरीदने की स्थिति में नहीं हैं।
मुख्यमंत्री ने भी लवप्रीत की इस सोच का उल्लेख करते हुए कहा कि अपनी जरूरत से पहले दूसरे विद्यार्थियों की चिंता करना युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता को दर्शाता है।
🎯 डिजिटल शिक्षा को लेकर सरकार की पहल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि आर्थिक या अन्य कारणों से संसाधनों की कमी विद्यार्थियों की शिक्षा और प्रतिभा के विकास में बाधा न बने।
उन्होंने डिजिटल शिक्षा को वर्तमान समय की आवश्यकता बताते हुए विद्यार्थियों को तकनीक से जोड़ने और उनके लिए सीखने के नए अवसर उपलब्ध कराने की बात कही।
राज्य सरकार की ओर से सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए DBT के माध्यम से टैब उपलब्ध कराने की पहल को इसी दिशा में उठाया गया कदम बताया गया है।
संवाद से निकला एक ठोस कदम
‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ में लवप्रीत ने विद्यार्थियों के सामने आने वाली डिजिटल संसाधनों की समस्या रखी थी। इसके बाद सरकार की ओर से राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए टैब से जुड़ी घोषणा की गई और लवप्रीत को उनके घर पर टैब उपलब्ध कराया गया।
लवप्रीत के मामले में कार्यक्रम में उठाए गए एक छात्रा के सवाल से लेकर उसके घर तक टैब पहुंचने तक की प्रक्रिया सामने आई है।










