देहरादून में 112 ड्रॉपआउट छात्राओं की दोबारा स्कूल में एंट्री, 111 और बालिकाओं को जोड़ने की तैयारी

देहरादून | 23 सितंबर 2026

पारिवारिक, आर्थिक और सामाजिक परिस्थितियों के कारण पढ़ाई बीच में छोड़ चुकी बालिकाओं को दोबारा शिक्षा से जोड़ने के लिए देहरादून जिला प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत अब तक 444 ड्रॉपआउट छात्राओं का चिन्हीकरण किया गया है, जिनमें से 112 बालिकाओं का पहले चरण में स्कूलों में दाखिला कराया जा चुका है। 📚

अब जिला प्रशासन दूसरे चरण में 111 और ड्रॉपआउट छात्राओं को विद्यालय से जोड़ने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है।

🎓 पढ़ाई छूटने वाली बालिकाओं पर प्रशासन की नजर

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ऐसी बालिकाओं की पहचान कर रहा है, जिनकी पढ़ाई किसी पारिवारिक या सामाजिक परिस्थिति के चलते बीच में छूट गई है।

प्रशासन का फोकस केवल छात्राओं का चिन्हीकरण करने तक सीमित नहीं है। अधिकारियों को प्रत्येक ड्रॉपआउट बालिका की परिस्थितियों की जानकारी जुटाने और उसके दोबारा स्कूल में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं।

👧 उम्र और शैक्षणिक स्तर के अनुसार मिलेगा दाखिला

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा है कि पारिवारिक समस्याओं, आर्थिक कठिनाइयों या अन्य परिस्थितियों के कारण किसी भी बालिका की पढ़ाई न रुके।

इसके लिए चिन्हित छात्राओं को उनकी आयु और शैक्षणिक स्तर के अनुरूप विद्यालय में दाखिला दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।

जरूरत पड़ने पर संबंधित परिवारों से भी समन्वय स्थापित किया जाएगा, ताकि बालिकाएं अपनी पढ़ाई दोबारा शुरू कर सकें और उसे जारी रख सकें।

📋 444 बालिकाओं की पहचान, 112 का दाखिला पूरा

जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की पहल के तहत अब तक 444 ड्रॉपआउट छात्राओं का चिन्हीकरण किया गया है।

इनमें से पहले चरण में 112 छात्राओं का विद्यालयों में दाखिला कराया जा चुका है। अब दूसरे चरण में 111 बालिकाओं को स्कूल से जोड़ने की तैयारी चल रही है।

इस अभियान का उद्देश्य उन छात्राओं को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा में लाना है, जिनकी पढ़ाई किसी कारणवश बीच में छूट गई।

🤝 परिवारों से भी किया जाएगा समन्वय

प्रशासन की ओर से अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जरूरत के अनुसार छात्राओं के परिवारों से संपर्क और समन्वय स्थापित किया जाए।

इसका मकसद बालिकाओं को दोबारा पढ़ाई शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना और उनके विद्यालय में पुनः प्रवेश की प्रक्रिया को प्रभावी तरीके से पूरा कराना है।

📚 शिक्षा से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता

जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने स्पष्ट किया है कि जनपद में शिक्षा से जुड़ी प्रत्येक बालिका को विद्यालय तक पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।

इसके लिए शिक्षा विभाग और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन की इस पहल से चिन्हित बालिकाओं को अपनी पढ़ाई दोबारा शुरू करने का अवसर मिलेगा। साथ ही शिक्षा के जरिए उनके आगे बढ़ने के रास्ते को भी मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। 🎯