विकसित उत्तराखंड का सपना लेकर सामने आए हजारों विद्यार्थी, सीएम धामी से बोले- पहाड़ में रोजगार और अवसर बढ़ें

श्रीनगर गढ़वाल | उत्तराखंड

🎯 हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर में आयोजित ‘मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन’ में उत्तराखंड के विद्यार्थियों ने विकसित प्रदेश को लेकर अपने सपने, चिंताएं और सुझाव मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने रखे। ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को विद्यार्थियों का व्यापक समर्थन मिला और प्रदेशभर से 2,67,744 विद्यार्थियों ने निबंध एवं अपने विचार भेजे।

मुख्यमंत्री धामी ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए कहा कि आज के युवा ही आने वाले समय में उत्तराखंड और भारत का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने और केवल नौकरी तलाशने के बजाय नौकरी देने वाला बनने का लक्ष्य रखने का आह्वान किया।

विद्यार्थियों ने बताया, कैसा हो उनके सपनों का उत्तराखंड

‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर के विद्यार्थियों से उनके विचार और भविष्य की कल्पना जानी। उन्होंने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का जवाब दिया और उनके सुझावों पर संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की सोच, ऊर्जा और उत्तराखंड के विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उत्साह बढ़ाने वाली है। भावी पीढ़ी को आत्मनिर्भर, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उनके अनुसार विद्यार्थियों के विचार प्रदेश के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

2.67 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने भेजे निबंध और विचार

‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान में 2,67,744 विद्यार्थियों ने अपने निबंध और विचार भेजे। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि उनके लेखों में उत्तराखंड के विकास, समृद्धि और बेहतर भविष्य को लेकर सोच और संवेदनशीलता दिखाई देती है।

उन्होंने विद्यार्थियों के निबंधों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सभी ने अपने विचार इतनी अच्छी तरह रखे हैं कि यह तय करना मुश्किल है कि किसने अच्छा लिखा और किसने बहुत अच्छा।

पलायन पर छात्रा ने साझा किया अपना अनुभव

रुद्रप्रयाग की कक्षा 11 की छात्रा सीमा सेमवाल ने पलायन पर लिखे अपने निबंध के बारे में मुख्यमंत्री को बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह निबंध दो-तीन दिनों में लिखा और पलायन का विषय इसलिए चुना क्योंकि उन्होंने इस समस्या को खुद महसूस किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में मुख्य रूप से स्थायी और अस्थायी, दो तरह का पलायन देखा जाता है। शिक्षा और रोजगार के लिए बाहर जाना हमेशा नकारात्मक नहीं माना जा सकता, क्योंकि दूसरे स्थानों पर पढ़ाई और अनुभव से युवाओं को बेहतर एक्सपोजर मिलता है।

हालांकि उन्होंने पहाड़ों में माताओं और बहनों के सामने आने वाली कठिन परिस्थितियों का भी उल्लेख किया और कहा कि वे विपरीत परिस्थितियों में परिवार तथा समाज को संभालते हुए स्वयं भी काम कर रही हैं और दूसरों को प्रेरित कर रही हैं।

‘पहाड़ रहें, अपने रहें, मेरे सपने रहें’ पर भी चर्चा

देवप्रयाग की छात्रा श्रेया सेमवाल ने ‘पहाड़ रहें, अपने रहें, मेरे सपने रहें’ विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार और अवसर बढ़ाने के साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहने की आवश्यकता पर बात की।

वहीं जीईसी पौड़ी की छात्रा प्रिया ने विकसित उत्तराखंड को लेकर अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है, जब देश का प्रत्येक गांव, जिला और राज्य विकास की मुख्यधारा से जुड़े।

छात्रा ने कहा- ‘मेरा पहाड़, मेरा रोजगार’

छात्रा तमन्ना ने पलायन और खेती से होने वाली कम आय की समस्या को उठाते हुए ‘मेरा पहाड़, मेरा रोजगार, पत्थर की छाती पर बनेगा रोजगार’ का विचार सामने रखा।

मुख्यमंत्री ने उनके विचार की सराहना की और इसे सकारात्मक सोच का परिचायक बताया। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं, लेकिन बेहतर करने का संकल्प मजबूत होना चाहिए। युवाओं को अपनी परिस्थितियों को अवसर में बदलने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

सरकारी स्कूल और अस्पतालों पर भी विद्यार्थियों ने पूछे सवाल

छात्रा सृष्टि ने सरकारी स्कूलों और अस्पतालों को लेकर लोगों के भरोसे से जुड़ा सवाल उठाया। जवाब में मुख्यमंत्री ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा कि सामान्य परिवारों से निकलकर भी देश के सर्वोच्च पदों तक पहुंचा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में युवाओं की अहम भूमिका है। विद्यार्थियों को अपने जिले और प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों तथा विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी रखनी चाहिए और सकारात्मक बदलाव के लिए अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

पलायन रोकने को लेकर सरकार के प्रयासों का जिक्र

रुद्रप्रयाग की छात्रा अनुष्का ने पलायन रोकने से जुड़े सुझाव रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण हैं, फिर भी गांव-गांव तक बिजली, पानी और दूसरी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के प्रयास जारी हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि अभी काफी काम किया जाना बाकी है और सरकार इस दिशा में लगातार कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश में 500 से अधिक स्मार्ट क्लास संचालित की जा रही हैं और रिवर्स माइग्रेशन भी हो रहा है।

इसी दौरान उन्होंने युवाओं से कहा कि उनका लक्ष्य केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि वे रोजगार देने वाले बनने की दिशा में आगे बढ़ें।

पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण पर विद्यार्थियों के सुझाव

इशिका नेगी और गौरव बिष्ट ने पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण तथा चारधाम यात्रा से संबंधित सुझाव मुख्यमंत्री के सामने रखे। विद्यार्थियों ने उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा को सुरक्षित रखते हुए पर्यटन को रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर दिया।

गांवों तक हेलीकॉप्टर एंबुलेंस और स्किल ट्रेनिंग का सुझाव

छात्र मुकेश कुशवाहा ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए छोटे गांवों तक हेलीकॉप्टर एंबुलेंस जैसी सुविधा पहुंचाने का सुझाव दिया। साथ ही उन्होंने विद्यालय स्तर से ही कौशल विकास प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की बात रखी।

मुख्यमंत्री ने इसे महत्वपूर्ण सुझाव बताया। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को उनकी प्रतिभा और क्षमता का बेहतर प्रदर्शन करने के लिए जरूरी सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। कौशल विकास और रोजगारपरक शिक्षा के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

नशे से दूर रहने की अपील

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विद्यार्थियों के सभी विचारों और सुझावों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड के निर्माण में हर व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है।

उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी जरूरी है।

2047 के भारत को लेकर युवाओं की भूमिका अहम

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद के अवसर को अपने लिए विशेष बताया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के विचारों से उनकी परिकल्पना, ज्ञान, संवेदनशीलता और भविष्य को लेकर उनकी सोच सामने आती है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 में भारत कैसा हो, उसमें युवाओं की क्या भूमिका हो और व्यवस्थाएं कैसी होनी चाहिए—इन सवालों पर युवाओं की सोच और भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने सपनों को लक्ष्य में बदलकर लगातार आगे बढ़ने का आह्वान किया।

टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में युवाओं को आगे बढ़ाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के युवा अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर कार्य कर रहे हैं। टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में युवाओं की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री युवा योजना जैसे प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं की प्रतिभा और मेहनत के साथ खिलवाड़ करने वाले नकल माफियाओं के खिलाफ राज्य सरकार ने सख्त कानून बनाए हैं, जिससे योग्य युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष अवसर मिल सकें।

छात्रा ने सीएम को भेंट की चित्रकृति

कार्यक्रम में छात्रा अदिति गौतम ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उनके द्वारा बनाई गई चित्रकृति भेंट की। बेहतर सहभागिता के लिए नोडल अधिकारी शिक्षक अंकुश को सम्मानित किया गया।

रुद्रप्रयाग में निबंध प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग विशाल मिश्रा को भी सम्मानित किया गया।

‘आने वाला उत्तराखंड युवाओं के सपनों का होगा’

कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं और उनसे अपने सपनों को लक्ष्य बनाकर लगातार मेहनत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का इस्तेमाल प्रदेश तथा देश के निर्माण में करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाला उत्तराखंड युवाओं के सपनों का उत्तराखंड होगा और इसके निर्माण में प्रदेश के हर युवा की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं और शिक्षक मौजूद रहे।