🚩 कुंभ मेला 2027 की तैयारियों में तेजी, मुख्य सचिव ने हरिद्वार में निर्माण स्थलों का लिया जायजा

हरिद्वार | 10 सितम्बर 2026

कुंभ मेला-2027 को लेकर हरिद्वार में चल रहे निर्माण कार्यों की जमीनी स्थिति परखने के लिए मुख्य सचिव उत्तराखंड शासन आनंद वर्द्धन ने गुरुवार को विभिन्न परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ रोड़ी-बेलवाला से लेकर रोशनाबाद, कनखल, दक्षद्वीप, बैरागी कैंप और सीसीआर टावर तक पहुंचकर निर्माण कार्यों की प्रगति और व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कुंभ से जुड़े सभी निर्माण कार्य तय समयसीमा में पूरे किए जाएं और गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न हो। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए तैयारियों में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया।

🏗️ अरबेनिया वाहन से एक-एक स्थल का निरीक्षण

मुख्य सचिव अधिकारियों के साथ अरबेनिया वाहन में बैठकर अलग-अलग निर्माण स्थलों तक पहुंचे। उन्होंने मौके पर परियोजनाओं की प्रगति के साथ उनकी गुणवत्ता, तकनीकी पहलुओं, उपयोगिता और निर्धारित समयसीमा की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों के अलावा कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रस्तावित सुविधाओं और व्यवस्थाओं को भी देखा गया।

उन्होंने अधिकारियों को कहा कि जिन परियोजनाओं की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, उनकी नियमित समीक्षा की जाए। निर्माण में आने वाली बाधाओं की पहचान कर उनका तत्काल समाधान किया जाए और विभागों तथा कार्यदायी संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल के साथ काम को गति दी जाए।

🛣️ सड़क, पुल और यात्री सुविधाओं पर विशेष फोकस

मुख्य सचिव ने कहा कि कुंभ मेला-2027 में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के हरिद्वार आने की संभावना है। ऐसे में सड़क, पुल, पैदल मार्ग, पेयजल, स्वास्थ्य, पार्किंग और अन्य आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य समय पर पूरे होना जरूरी है।

उन्होंने निर्माण के दौरान स्थानीय लोगों और आमजन की सुविधा के साथ यातायात तथा सुरक्षा मानकों का भी पूरा ध्यान रखने को कहा।

📍 रोड़ी-बेलवाला और हरकी पैड़ी क्षेत्र की परियोजनाओं का निरीक्षण

रोड़ी-बेलवाला में मुख्य सचिव ने उत्तराखंड निवेश एवं अवस्थापना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) की प्रशासनिक मार्ग परियोजना तथा रोड़ी-बेलवाला और हरकी पैड़ी क्षेत्र की पुनर्विकास परियोजनाओं को देखा।

उन्होंने परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने और श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा के अनुरूप उच्च स्तरीय व्यवस्थाएं विकसित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने परियोजनाओं से बनी परिसंपत्तियों के रखरखाव को लेकर भी अधिकारियों को पहले से व्यवस्था तय करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि पांच वर्ष की अनुबंध अवधि समाप्त होने के बाद स्थायी रख-रखाव की जिम्मेदारी संबंधित विभाग या निकाय को सौंपने की व्यवस्था अभी से सुनिश्चित की जाए।

इस संबंध में मेलाधिकारी को संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों के साथ औपचारिक मसौदा तैयार कर शासन की स्वीकृति के लिए भेजने को कहा गया।

🌊 घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने हाथीपुल से अलकनंदा के मध्य घाटों के पुनर्निर्माण और सुधार कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने घाटों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मजबूत रेलिंग और चेन की व्यवस्था करने के साथ पैदल आवागमन को सुगम बनाने के निर्देश दिए।

प्रशासनिक मार्ग निर्माण के लिए शासन ने ₹4325.14 लाख और हरकी पैड़ी रिवाइटलाइजेशन कार्य के लिए ₹6677.21 लाख की धनराशि स्वीकृत की है।

🌳 सड़कों के साथ हरियाली विकसित करने पर जोर

ऋषिकुल क्षेत्र में मुख्य सचिव ने ओल्ड दिल्ली-नीतिपास मार्ग के नवीनीकरण कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने स्थानीय आवागमन और यातायात को ध्यान में रखते हुए निर्माण के दौरान आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखने को कहा।

सड़क किनारे बनाए जा रहे फुटपाथ और उपयुक्त स्थानों पर पौधरोपण के जरिए हरियाली विकसित करने पर भी उन्होंने जोर दिया।

दूधाधारी चौक से ज्वालापुर तक के हिस्से सहित लोक निर्माण विभाग के अधीन शहर की अन्य आंतरिक सड़कों के नवीनीकरण के लिए ₹2164.49 लाख स्वीकृत हैं।

🚶 चौराहों और पैदल मार्गों का भी लिया जायजा

इसके बाद शिवमूर्ति चौक, शंकर आश्रम चौक और भगत सिंह चौक से विल्केश्वर तक चौराहों के सुधार तथा पैडेस्ट्रीयन फुटपाथ से जुड़े कार्यों का निरीक्षण किया गया।

₹683.60 लाख की लागत वाली इस परियोजना में पैदल यात्रियों की सुविधा और सुरक्षित आवागमन के साथ यातायात को सुचारु बनाए रखने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

🏥 रोशनाबाद ड्रग वेयरहाउस का निरीक्षण

रोशनाबाद में मुख्य सचिव ने ₹251.98 लाख की लागत से बन रहे ड्रग वेयरहाउस का निरीक्षण किया। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी इस परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।

इसके बाद दक्षद्वीप स्थित बैरागी क्षेत्र में निर्माणाधीन 60 मीटर स्पान के पुल का निरीक्षण किया गया। इस परियोजना के लिए ₹1246.09 लाख की धनराशि स्वीकृत है।

मुख्य सचिव ने पुल निर्माण की प्रगति और तकनीकी पहलुओं की जानकारी लेते हुए गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय में कार्य पूरा करने को कहा।

🏢 सीसीआर-2 भवन में दिन-रात काम के निर्देश

मुख्य सचिव ने सीसीआर-2 भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कुंभ मेला शुरू होने से पहले भवन को तैयार करने के लिए निर्माण कार्य में तेजी लाने को कहा।

जरूरत पड़ने पर दिन-रात काम कराने के निर्देश देते हुए उन्होंने भवन की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखने को कहा।

📊 डाम कोठी में विभागवार तैयारियों की समीक्षा

स्थलीय निरीक्षण के बाद मुख्य सचिव ने डाम कोठी में कुंभ मेला और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें विभागवार निर्माण कार्यों और अन्य तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को पर्याप्त मानव संसाधन और मशीनरी उपलब्ध रखने तथा निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने के निर्देश दिए।

🔍 थर्ड पार्टी क्वालिटी जांच पर सख्ती

बैठक में कुंभ मेला निर्माण कार्यों की थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच के लिए नियुक्त टीयूवी एसयूडी साउथ एशिया प्रा. लि., क्वालिटी ऑस्ट्रिया सेंट्रल एशिया प्रा. लि. और ब्यूरो वेरिटास (इंडिया) प्रा. लि. के टीम लीडर्स से गुणवत्ता जांच की प्रगति की जानकारी ली गई।

मुख्य सचिव ने कहा कि गुणवत्ता जांच लगातार और सख्ती से होनी चाहिए। यदि किसी स्तर पर कमी सामने आती है तो उसे तत्काल दूर कराया जाए।

🚦 पार्किंग, डायवर्जन और भीड़ प्रबंधन की भी समीक्षा

मुख्य सचिव ने एनएच परियोजनाओं के कारण प्रभावित होने वाले पार्किंग स्थलों और डायवर्जन मार्गों तक पहुंच के लिए प्रस्तावित वैकल्पिक रास्तों तथा पुलों की योजनाओं की जानकारी ली।

उन्होंने कुंभ के दौरान भीड़ प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए संभावित परिस्थितियों के अनुसार ठोस और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।

🤝 ‘सभी विभाग मिलकर करें काम’

मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन ने कहा कि कुंभ मेला-2027 की सफलता के लिए सभी विभागों का समन्वित प्रयास जरूरी है। अधिकारियों को टीम भावना के साथ निर्धारित लक्ष्यों को समय पर पूरा करना होगा।

उन्होंने कहा कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। हरिद्वार आने वाले श्रद्धालु बेहतर अनुभव लेकर लौटें, इसके लिए सुविधा, सुरक्षा, सुगमता और स्वागत से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी की जानी चाहिए।

📝 मेलाधिकारी ने बताई तैयारियों की स्थिति

मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने मुख्य सचिव को कुंभ मेला निर्माण कार्यों और अन्य तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी कार्य निर्धारित टाइमलाइन के अनुसार आगे बढ़ रहे हैं और उनकी प्रगति व गुणवत्ता की बहुस्तरीय निगरानी लगातार की जा रही है।

उन्होंने बताया कि कुंभ क्षेत्र के पुलों का सुरक्षा ऑडिट संबंधित विभाग करा चुके हैं। साथ ही, आईआईटी रुड़की से भी पुलों की जांच कराने का आग्रह किया गया है।

सीसीआर-2 भवन की गुणवत्ता जांच के लिए नियुक्त एजेंसी के अलावा केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान से भी गुणवत्ता जांच कराने का निर्णय लिया गया है।

👥 निरीक्षण के दौरान ये अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण और बैठक के दौरान आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप, मेला अधिकारी श्रीमती सोनिका, आईजी (कुंभ) डॉ. योगेंद्र सिंह रावत, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत भुल्लर, एसएसपी (कुंभ) आयुष अग्रवाल, प्रभागीय वनाधिकारी स्वप्निल अनिरुद्ध, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती, मेला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष दत्त, उप मेलाधिकारी आकाश जोशी एवं मनजीत सिंह, टेक्निकल सेल के अधीक्षण अभियंता डीपी भट्ट, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता डीपी सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।