नई दिल्ली | 8 सितंबर 2026
🇮🇳 महान गायक, संगीतकार और गीतकार डॉ. भूपेन हजारिका की 100वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। PM मोदी ने कहा कि हजारिका की आवाज ने असम की आत्मा और पूर्वोत्तर की भावना को देश के दूसरे हिस्सों तक पहुंचाया।
प्रधानमंत्री ने उनके संगीत को आम लोगों की भावनाओं और विचारों को अभिव्यक्ति देने वाला माध्यम बताते हुए कहा कि उनके गीतों ने लोगों को करीब लाने का काम किया।
🎵 भूपेन हजारिका के संगीत को PM मोदी ने किया याद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8 सितंबर को डॉ. भूपेन हजारिका की जन्म शताब्दी के अवसर पर उन्हें याद किया। उन्होंने कहा कि हजारिका ने संगीत के जरिए अनगिनत लोगों की भावनाओं और विचारों को प्रभावशाली ढंग से आवाज दी।
PM मोदी के मुताबिक, उनके गीतों ने लोगों के बीच जुड़ाव बढ़ाने का काम किया और असम तथा पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर पहुंचाया।
🌿 असम और पूर्वोत्तर की आवाज बने हजारिका
प्रधानमंत्री ने डॉ. हजारिका के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनकी आवाज में असम की आत्मा और पूर्वोत्तर की भावना की झलक मिलती थी।
उनका संगीत केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके माध्यम से समाज और लोगों से जुड़े विचारों एवं भावनाओं को भी अभिव्यक्ति मिली। प्रधानमंत्री ने उनके इसी योगदान को उनकी विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
📍 गुवाहाटी की पिछली यात्रा भी की याद
PM मोदी ने पिछले वर्ष गुवाहाटी में आयोजित डॉ. भूपेन हजारिका की जन्म शताब्दी समारोह के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होने की अपनी याद भी साझा की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उस कार्यक्रम की यादें उनके मन में अभी भी बनी हुई हैं।
दरअसल, प्रधानमंत्री ने 13 सितंबर 2025 को गुवाहाटी में डॉ. भूपेन हजारिका की 100वीं जन्म जयंती के समारोह को संबोधित किया था। उस अवसर पर उन्होंने भूपेन दा के संगीत को भारत को जोड़ने और पीढ़ियों को प्रेरित करने वाला बताया था।
🙏 आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा योगदान
प्रधानमंत्री ने कहा कि भूपेन दा का जीवन और उनका कार्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा।
डॉ. भूपेन हजारिका की 100वीं जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री की यह श्रद्धांजलि उनके संगीत और सांस्कृतिक योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान को भी रेखांकित करती है।
🎼 संगीत की दुनिया में अमिट पहचान
डॉ. भूपेन हजारिका को असम और पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक आवाज के रूप में व्यापक पहचान मिली। प्रधानमंत्री ने अपनी श्रद्धांजलि में विशेष रूप से उनके संगीत की उस भूमिका को रेखांकित किया, जिसके जरिए उन्होंने लोगों की भावनाओं को स्वर दिया और उन्हें एक-दूसरे के करीब लाने का काम किया।








