लखनऊ | 8 सितंबर 2026
🧵 उत्तर प्रदेश के वस्त्र उद्योग को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए मंगलवार को लखनऊ में दो दिवसीय यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026 की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में कॉन्क्लेव का उद्घाटन किया और टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश, रोजगार, निर्यात तथा आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास पुरानी टेक्सटाइल विरासत, हुनरमंद मानव संसाधन, बड़ा बाजार और उद्यमिता जैसी ताकतें मौजूद हैं। सरकार का लक्ष्य फाइबर से लेकर तैयार उत्पाद और वैश्विक बाजार तक पूरी टेक्सटाइल वैल्यू चेन को प्रदेश में विकसित करना है।
💰 टेक्सटाइल सेक्टर में 5,196 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े 5,196 करोड़ रुपये के नए निवेश प्रस्तावों पर समझौते किए गए हैं। सरकार निवेशकों को नीति, बुनियादी ढांचे, प्रतिभा और बाजार के स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।
इससे पहले आयोजन को लेकर जारी जानकारी में करीब 5,354 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों का भी उल्लेख किया गया था। उपलब्ध रिपोर्टों में दोनों आंकड़े अलग-अलग संदर्भों में सामने आए हैं; इसलिए इन्हें एक ही आंकड़ा मानना उचित नहीं होगा।
🌍 UP को वैश्विक टेक्सटाइल हब बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव का उद्देश्य प्रदेश की परंपरागत वस्त्र विरासत को आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजार से जोड़ना है।
उन्होंने टेक्सटाइल क्षेत्र की पूरी वैल्यू चेन को उत्तर प्रदेश में विकसित करने पर जोर दिया। इसका उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रदेश को ग्लोबल टेक्सटाइल हब के रूप में विकसित करना है।
🧶 17 टेक्सटाइल उत्पादों को GI पहचान
CM योगी ने उत्तर प्रदेश की पारंपरिक टेक्सटाइल विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के 17 टेक्सटाइल उत्पादों को GI टैग मिल चुका है।
उन्होंने प्रदेश के करीब 5 लाख बुनकरों को टेक्सटाइल क्षेत्र की महत्वपूर्ण ताकत बताया। उनके अनुसार देश के कुल फैब्रिक उत्पादन में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी करीब 14 प्रतिशत है।
बनारस के रेशम, भदोही के कालीन और कानपुर के औद्योगिक आधार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की पारंपरिक और औद्योगिक टेक्सटाइल क्षमता पर जोर दिया।
👨💼 बुनकरों और MSME को आगे बढ़ाने की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे और मध्यम उद्योगों को केवल बड़े कारोबारियों के लिए उप-ठेकेदार की भूमिका तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने MSME को निर्यातक और बुनकरों को केवल सप्लायर के बजाय ब्रांड मालिक बनाने की दिशा में काम करने की बात कही।
उन्होंने प्रदेश में लागू विभिन्न सेक्टर आधारित नीतियों और निवेश के लिए उपलब्ध भूमि का भी उल्लेख किया।
🏭 10 टेक्सटाइल पार्क विकसित करने की योजना
कॉन्क्लेव में टेक्सटाइल इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी कई जानकारियां सामने आईं। संत कबीर टेक्सटाइल पार्क के तहत 10 पार्क विकसित करने की योजना है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार इनमें से पांच पार्कों पर काम शुरू हो चुका है।
इसके अलावा लखनऊ-हरदोई सीमा पर करीब 1,000 एकड़ में PM MITRA पार्क विकसित किया जा रहा है। इसकी बाउंड्री वॉल का काम करीब 95 प्रतिशत पूरा बताया गया है।
वाराणसी, संत कबीर नगर, बरेली, बिजनौर और अमरोहा समेत सीतापुर, रायबरेली, मऊ और कानपुर नगर में भी टेक्सटाइल पार्कों के लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है।
👷♂️ बुनकरों के लिए करोड़ों रुपये की सहायता
टेक्सटाइल क्षेत्र से जुड़े सरकारी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया गया कि मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना के तहत 4,122 बुनकरों को ₹73.18 करोड़ की सहायता दी गई है।
वहीं अटल बिहारी पावरलूम बुनकर विद्युत फ्लैट रेट योजना में 99,929 बिजली कनेक्शनधारकों के लिए ₹3,446.44 करोड़ मंजूर किए गए हैं।
⚙️ टेक्सटाइल मशीनरी और नई तकनीक पर भी जोर
कॉन्क्लेव में सिर्फ कपड़ा उत्पादन ही नहीं, बल्कि मशीनरी और तकनीकी वस्त्रों के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।
उद्योग जगत की ओर से उत्तर प्रदेश में टेक्सटाइल मशीनरी पार्क विकसित करने का सुझाव दिया गया। डिफेंस और एयरोस्पेस के लिए तकनीकी वस्त्रों के उत्पादन को बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया गया।
कॉन्क्लेव के सत्रों में आधुनिक मशीनों, AI, निर्यात और नई तकनीकों के इस्तेमाल जैसे विषय भी चर्चा के केंद्र में रहे।
📈 कानून-व्यवस्था और निवेश का मुद्दा भी उठा
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में 2017 से पहले और उसके बाद के उत्तर प्रदेश की स्थिति की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब कानून का राज है और अपराध तथा अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।
उन्होंने दावा किया कि पहले की तुलना में अब निवेशकों और कारोबारियों के बीच सुरक्षा तथा निवेश को लेकर भरोसा बढ़ा है। यह मुख्यमंत्री के संबोधन में कही गई बात है।UP Textile Conclave 2026 Yogi Adityanath
🧵 दो दिन चलेगा यूपी टेक्स-2026
यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026 का आयोजन 8 और 9 सितंबर को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में हो रहा है। इसमें टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े निर्माता, व्यापारी, निवेशक, निर्यातक, मशीनरी आपूर्तिकर्ता और विशेषज्ञ हिस्सा ले रहे हैं।
कॉन्क्लेव का फोकस उत्तर प्रदेश की टेक्सटाइल क्षमता को निवेश, तकनीक, कौशल, उत्पादन और निर्यात से जोड़ने पर है।








