9 साल के रियांश और 10 साल की प्रिशा ने फतह किया माउंट किलिमंजारो, CM धामी से मिलकर साझा की सफलता

देहरादून | 8 सितंबर 2026

🏔️ उत्तराखंड के दो नन्हे पर्वतारोहियों ने कम उम्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अल्मोड़ा के 9 वर्षीय रियांश पंत और नैनीताल की 10 वर्षीय प्रिशा रावत ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर तिरंगा फहराया।

दोनों बाल पर्वतारोहियों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

🏔️ 5,895 मीटर की ऊंचाई पर फहराया तिरंगा

रियांश पंत और प्रिशा रावत ने 22 अगस्त 2026 को तंजानिया स्थित 5,895 मीटर ऊंची माउंट किलिमंजारो का सफल आरोहण किया था।

चोटी पर पहुंचकर दोनों ने तिरंगा फहराया। इतनी कम उम्र में हासिल की गई इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री ने दोनों बच्चों की सराहना की।

👦 अल्मोड़ा के 9 वर्षीय रियांश, नैनीताल की 10 साल की प्रिशा

मास्टर रियांश पंत अल्मोड़ा के चीनाखान के रहने वाले हैं और उनकी उम्र 9 वर्ष है।

वहीं प्रिशा रावत नैनीताल जिले के बैलपड़ाव की निवासी हैं और 10 वर्ष की हैं।

दोनों ने अपनी इस उपलब्धि से उत्तराखंड का नाम रोशन किया है।

🎯 CM धामी बोले- साहस और आत्मविश्वास की मिसाल

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इतनी कम उम्र में माउंट किलिमंजारो जैसी चुनौतीपूर्ण चोटी पर सफलतापूर्वक पहुंचना दोनों बच्चों के साहस, दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि रियांश और प्रिशा की सफलता उत्तराखंड के दूसरे बच्चों और युवाओं को भी बड़े लक्ष्य तय करने और उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी।

🌄 उत्तराखंड के युवाओं की प्रतिभा पर CM का भरोसा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के बच्चों और युवाओं में प्रतिभा, साहस और सामर्थ्य की कमी नहीं है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवा पर्वतारोहण, खेल और अन्य साहसिक गतिविधियों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड का नाम रोशन कर रहे हैं।

🏅 युवा प्रतिभाओं को अवसर देने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उन्हें आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।

रियांश पंत और प्रिशा रावत की माउंट किलिमंजारो पर सफलता को भी उन्होंने उत्तराखंड के बच्चों की क्षमता और साहस से जुड़ी उपलब्धि बताया।