बनबसा | 1 सितंबर 2026
भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगे बनबसा में देश के वीर सैनिकों की स्मृति को समर्पित शहीद स्मारक एवं झंडा पार्क का लोकार्पण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को नमन किया और विशाल तिरंगा फहराया। 🇮🇳
एसएसबी जवानों के बिगुल वादन के बीच मुख्यमंत्री समेत कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वीर नारियों, वीर माता और वीरता पदक विजेता को भी सम्मानित किया।
शहीद स्मारक को बताया त्याग और बलिदान का प्रतीक
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सीमांत क्षेत्र में शहीद स्मारक और विशाल तिरंगे का लोकार्पण गर्व और सम्मान का अवसर है। उनके अनुसार, यह स्मारक देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले सैनिकों के साहस, त्याग और बलिदान की याद को जीवित रखेगा।
उन्होंने कहा कि स्मारक आने वाली पीढ़ियों को यह याद दिलाएगा कि देश की सीमाओं की रक्षा के लिए सैनिकों ने कठिन परिस्थितियों में किस तरह अपना कर्तव्य निभाया।
‘मैं स्वयं सैनिक का पुत्र हूं’
मुख्यमंत्री ने सैनिक परिवार से अपने जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि वह स्वयं एक सैनिक के पुत्र हैं। इसलिए सैनिकों के सम्मान से जुड़े इस कार्य में शामिल होना उनके लिए भावुक और गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि यह स्मारक युवाओं को देश सेवा, त्याग और समर्पण के लिए प्रेरित करता रहेगा। 🎖️
सीमांत क्षेत्रों को ‘पहले क्षेत्र’ के रूप में विकसित करने की बात
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले जिन सीमावर्ती इलाकों को देश के अंतिम गांव या अंतिम क्षेत्र के तौर पर देखा जाता था, अब उन्हें देश के ‘पहले क्षेत्र’ के रूप में पहचान दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि सैनिकों, उनके परिवारों के कल्याण और वीर शहीदों की स्मृतियों के सम्मान को प्राथमिकता दी जा रही है।
उत्तराखंड की सैन्य परंपरा का जिक्र
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड को वीर सैनिकों की भूमि बताते हुए कहा कि प्रदेश के लगभग हर परिवार का किसी न किसी रूप में सेना या अर्धसैनिक बलों से जुड़ाव रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य के सैनिक राष्ट्र की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं और सैनिकों का योगदान देश की सुरक्षा में सर्वोपरि है।
नौ वीर नारियों को किया सम्मानित
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शहीद सैनिकों की नौ वीर नारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इनमें—
- सरस्वती देवी, पत्नी स्व. सिपाही उत्तम चन्द
- लक्ष्मी देवी, पत्नी स्व. हवलदार किशन सिंह
- कमला देवी, पत्नी स्व. गार्डसमैन दुर्गादत्त
- खीमा देवी, पत्नी स्व. नायक हयात सिंह
- माया चन्द, पत्नी स्व. सिपाही ललित मोहन
- सरस्वती देवी, पत्नी स्व. ला. ना. जय बहादुर चन्द
- ललिता चन्द, पत्नी स्व. सिपाही प्रेम चन्द
- गीता देवी, पत्नी स्व. नायक जगदीश सिंह
- पिंकी रैसवाल, पत्नी स्व. सिपाही राहुल रैसवाल
शामिल रहीं।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने वीर माता लक्ष्मी देवी, माता स्व. नायक खीम सिंह, और वीरता पदक विजेता सूबेदार गोपाल दत्त शर्मा (सेना मेडल) को भी सम्मानित किया।
वीर नारियों और पूर्व सैनिकों से किया संवाद
कार्यक्रम के समापन पर मुख्यमंत्री ने वीर नारियों और भूतपूर्व सैनिकों से बातचीत की। उन्होंने एसएसबी जवानों के साथ फोटो खिंचवाकर उनका उत्साह भी बढ़ाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिकों, वीर नारियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के सम्मान तथा कल्याण के लिए राज्य सरकार लगातार प्रतिबद्ध है।
अधिकारी और पूर्व सैनिक रहे मौजूद
कार्यक्रम में जिलाधिकारी मनीष कुमार, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल उमेद सिंह (से.नि.), एसएसबी कमांडेंट सुरेंद्र विक्रम सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा सेवानिवृत्त सैनिक, वीर माताएं और वीर नारियां भी कार्यक्रम में शामिल हुईं। 🇮🇳










