खटीमा गोलीकांड के शहीदों को CM धामी ने दी श्रद्धांजलि, बोले- आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड बनाना हमारी जिम्मेदारी

खटीमा | मंगलवार

उत्तराखंड राज्य आंदोलन के इतिहास में अहम स्थान रखने वाले खटीमा गोलीकांड के शहीद आंदोलनकारियों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रद्धांजलि अर्पित की। खटीमा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्पचक्र चढ़ाया और उनके परिजनों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। 🌼

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड का निर्माण राज्य आंदोलनकारियों के लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान से संभव हुआ। उन्होंने कहा कि राज्य को आंदोलनकारियों की अपेक्षाओं के अनुरूप आगे बढ़ाना ही उनके प्रति वास्तविक श्रद्धांजलि होगी।

सात शहीद आंदोलनकारियों को किया याद

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा गोलीकांड में जान गंवाने वाले भगवान सिंह सिरौला, प्रताप सिंह, रामपाल, सलीम अहमद, गोपीचंद, धर्मानन्द भट्ट और परमजीत सिंह को याद किया।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोग इन राज्य आंदोलनकारियों के बलिदान को हमेशा स्मरण रखेंगे। मुख्यमंत्री ने राज्य आंदोलन से जुड़े अपने अनुभवों का जिक्र करते हुए कहा कि खटीमा गोलीकांड ने पृथक उत्तराखंड की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को नई दिशा दी और लोगों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने की प्रेरणा दी।

‘खटीमा राज्य आंदोलन की तपोभूमि’

मुख्यमंत्री ने खटीमा को उत्तराखंड राज्य आंदोलन की तपोभूमि बताया। उनके अनुसार, राज्य निर्माण के संघर्ष में खटीमा की भूमिका इतनी महत्वपूर्ण रही कि इसे उत्तराखंड राज्य आंदोलन की जननी कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी।

उन्होंने खटीमा के साथ मसूरी और रामपुर तिराहा की घटनाओं का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अलग राज्य के रूप में आसानी से नहीं मिला, बल्कि इसके पीछे बड़ी संख्या में आंदोलनकारियों का संघर्ष, त्याग और बलिदान रहा है।

आंदोलनकारियों और आश्रितों को 10% क्षैतिज आरक्षण

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आंदोलनकारियों के हितों से जुड़े फैसलों को लागू कर रही है। उन्होंने बताया कि राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। 📢

इसके लिए राज्य सरकार ने “उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन के चिन्हित आन्दोलनकारियों या उनके आश्रितों को राजकीय सेवा में आरक्षण अधिनियम, 2023” लागू किया है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस कानून के तहत पात्र राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को राजकीय सेवाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिया जा रहा है।

शहीद आंदोलनकारियों के आश्रितों की पेंशन बढ़ाई

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में राज्य आंदोलनकारियों को दी जा रही पेंशन और दूसरी सुविधाओं का भी उल्लेख किया।

उन्होंने बताया कि शहीद राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों की मासिक पेंशन 3 हजार रुपये से बढ़ाकर 5500 रुपये की गई है।

राज्य आंदोलन के दौरान घायल हुए और जेल गए आंदोलनकारियों को 7 हजार रुपये प्रतिमाह, जबकि सक्रिय आंदोलनकारियों को 5500 रुपये प्रतिमाह पेंशन दिए जाने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।

उन्होंने बताया कि चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों को पहचान पत्र दिए जा रहे हैं और सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

महिलाओं की भूमिका का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य आंदोलन में महिलाओं के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि पृथक राज्य की मांग को लेकर चले आंदोलन में मातृशक्ति ने सक्रिय भूमिका निभाई थी।

उन्होंने कहा कि राज्य निर्माण में महिलाओं के योगदान को देखते हुए प्रदेश की महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया गया है।

UCC और नकल विरोधी कानून का भी किया जिक्र

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के विभिन्न फैसलों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जहां समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की गई है।

उन्होंने युवाओं से जुड़े मुद्दे पर कहा कि भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

धर्मांतरण और दंगारोधी कानूनों का भी उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के सांस्कृतिक मूल्यों और मूल स्वरूप की रक्षा के लिए काम कर रही है।

उन्होंने प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगारोधी कानून लागू किए जाने का उल्लेख किया। साथ ही दावा किया कि अवैध अतिक्रमण के खिलाफ चलाए गए अभियान में 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है।

अजय भट्ट, भुवन कापड़ी और गोपाल सिंह राणा ने भी किया संबोधित

श्रद्धांजलि कार्यक्रम को सांसद अजय भट्ट, खटीमा विधायक भुवन कापड़ी और नानकमत्ता विधायक गोपाल सिंह राणा ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद जोशी, दर्जाधारी राज्य मंत्री सुभाष बरथवाल, डॉ. अनिल कपूर ‘डब्बू’, किशन सिंह किन्ना, गंभीर सिंह धामी, हुकम सिंह कुंवर, रणजीत सिंह नामधारी, मोहिनी पोखरिया, मोहन पाठक, ब्लॉक प्रमुख सरिता राणा, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, दान सिंह रावत, नंदन सिंह खड़ायत, भगवान जोशी, जीवन सिंह धामी और अमित पांडे सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

इसके अलावा जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, जिला विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष जय किशन, अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा, उपजिलाधिकारी तुषार सैनी, गौरव पांडे, राज्य आंदोलनकारी और स्थानीय लोग भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। 🇮🇳