महिलाओं के लिए धामी सरकार की बड़ी सौगात, 60 साल की उम्र से रोडवेज बसों में मिलेगा मुफ्त सफर

चकरपुर | 2026

रक्षाबंधन के मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिलाओं के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। अब उत्तराखंड में 60 वर्ष की आयु से महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त सफर की सुविधा देने का निर्णय बताया गया है। अभी यह सुविधा 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए उपलब्ध है।

इसके अलावा देहरादून में प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत चलने वाली 100 बसों में से 10 पिंक ई-बसें महिलाओं के लिए समर्पित करने और महिला स्वरोजगार योजना में रियायती बैंक ऋण की सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹2.50 लाख करने की घोषणा की गई। 🚌👩‍💼

महिलाओं के लिए बनेंगे आधुनिक हाईटेक टॉयलेट

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, पर्यटन स्थलों और अन्य जरूरी स्थानों पर महिलाओं के लिए आधुनिक सुविधाओं वाले हाईटेक टॉयलेट विकसित करने की घोषणा की।

इन सुविधाओं में स्वच्छता के साथ महिलाओं की निजता, सुरक्षा और आवश्यक जरूरतों का ध्यान रखने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने मातृशक्ति की गरिमा और सम्मान को सरकार की प्राथमिकताओं में बताया।

60 साल की उम्र से महिलाओं को मुफ्त रोडवेज यात्रा

रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री धामी ने महिलाओं के लिए रोडवेज यात्रा को लेकर अहम घोषणा की।

राज्य में फिलहाल 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है। अब इसी सुविधा को महिलाओं के लिए 60 वर्ष की आयु से लागू करने की घोषणा की गई है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इससे अधिक संख्या में बुजुर्ग महिलाओं को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। 📢

देहरादून में 10 पिंक ई-बसें महिलाओं को समर्पित होंगी

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत उत्तराखंड को 137 इलेक्ट्रिक बसें मिलने की बात कही गई है। इनमें देहरादून में संचालित होने वाली 100 बसों में से 10 को महिलाओं के लिए पिंक ई-बस के रूप में समर्पित करने की घोषणा की गई।

सरकार के मुताबिक इस सुविधा को चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के अन्य क्षेत्रों तक भी बढ़ाया जाएगा। 🚌

महिला स्वरोजगार योजना में बढ़ी ऋण सीमा

महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने महिला स्वरोजगार योजना के तहत रियायती बैंक ऋण की सीमा बढ़ाने की घोषणा की।

अब यह सीमा ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹2.50 लाख करने की बात कही गई है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं को स्वरोजगार के लिए पूंजी उपलब्ध कराने और उन्हें रोजगार देने वाली बनाने की दिशा में प्रयास जारी रखने की बात कही।

चकरपुर में बहनों ने मुख्यमंत्री को बांधी राखी

चकरपुर स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिस्सा लिया और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने बहनों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और उनके स्नेह को जनसेवा के लिए प्रेरणा बताया। 🎗️

रक्षाबंधन को बताया प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का पर्व

मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन सिर्फ राखी बांधने तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार यह भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी का पर्व है।

उन्होंने कहा कि यह रिश्ता भारतीय संस्कृति में परिवार, समाज और संस्कारों को मजबूत करने की प्रेरणा देता रहा है।

नंदा गौरा योजना और महिला सुरक्षा का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने राज्य में महिलाओं और बेटियों के लिए संचालित योजनाओं का भी उल्लेख किया।

उन्होंने बताया कि नंदा गौरा योजना के तहत बेटी के जन्म पर ₹11 हजार और कक्षा 12वीं पास करने पर ₹51 हजार की आर्थिक सहायता दी जाती है।

उन्होंने मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना, 181 महिला हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटर का भी जिक्र किया। साथ ही सरकारी सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की बात कही।

स्वयं सहायता समूहों को ₹5 लाख तक ब्याजमुक्त ऋण

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में स्वयं सहायता समूहों को ₹5 लाख तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तक सीमित न रहकर विभिन्न क्षेत्रों में नेतृत्व करने और रोजगार देने वाली बनने का आह्वान किया।

13 जिलों के उत्पादों की बिक्री के लिए देहरादून में 13 सेंटर

मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की बात कही गई।

इसके लिए सभी विकासखंडों में केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। वहीं देहरादून में प्रदेश के सभी 13 जिलों के उत्पादों की बिक्री के लिए 13 सेंटर स्थापित करने का निर्णय बताया गया है।

उत्तराखंड में 3.09 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 3 लाख 9 हजार बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने महिलाओं से लखपति दीदी के बाद अब करोड़पति बनने का लक्ष्य रखने का आह्वान किया।

उन्होंने लखपति दीदी योजना को महिलाओं के आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता से जोड़ते हुए कहा कि सरकार उनकी इस यात्रा में साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री बोले- माताओं और बहनों की सेवा सबसे बड़ी प्राथमिकता

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि वह एक भाई के रूप में अपना कर्तव्य पूरी ईमानदारी से निभाएंगे। उन्होंने माताओं और बहनों की सेवा को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक उत्तराखंड की प्रत्येक बहन सम्मानित, सशक्त और आत्मनिर्भर नहीं हो जाती, तब तक सरकार इसी संकल्प के साथ प्रदेश की उन्नति और मातृशक्ति के सशक्तिकरण के लिए काम करती रहेगी।