नई दिल्ली | 27 अगस्त 2026
नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद भारत ने राहत और बचाव प्रयासों में सहयोग के लिए 10 टन मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) सामग्री और जरूरी दवाइयां भेजी हैं। राहत सामग्री की पहली खेप भारतीय वायुसेना के C-130J विमान से नेपाल रवाना की गई। ✈️🇮🇳
यह सहायता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के बीच बातचीत के कुछ घंटे बाद भेजी गई। प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल में बाढ़ से हुई जनहानि पर संवेदना जताते हुए हरसंभव मानवीय सहायता देने की बात कही थी।
🇮🇳 भारत ने भेजी 10 टन HADR सहायता
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि नेपाल में बाढ़ से निपटने के प्रयासों में सहयोग के लिए 10 टन HADR सामग्री और आवश्यक दवाइयां भेजी गई हैं।
इस राहत खेप में आपदा के दौरान काम आने वाली जरूरी सामग्री शामिल है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इसमें अस्थायी शेल्टर, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाइयां शामिल हैं।
✈️ C-130J विमान से काठमांडू भेजी गई राहत
भारतीय वायुसेना का C-130J सैन्य परिवहन विमान बुधवार रात करीब 8:35 बजे हिंडन एयरबेस से काठमांडू के लिए रवाना हुआ।
भारत ने संकेत दिया है कि नेपाल के राहत अभियान में आगे भी सहायता पहुंचाई जाएगी। आने वाले दिनों में अतिरिक्त राहत सामग्री भेजे जाने की योजना है।
🤝 PM मोदी ने नेपाल को दिया हरसंभव मदद का भरोसा
राहत सामग्री भेजे जाने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से फोन पर बातचीत की। उन्होंने बाढ़ में लोगों की मौत पर संवेदना व्यक्त की और कहा कि भारत इस मुश्किल समय में नेपाल और उसके लोगों के साथ खड़ा है।
प्रधानमंत्री ने दोनों देशों की टीमें राहत एवं बचाव प्रयासों के लिए आपसी समन्वय से काम करने की बात भी कही।
🌊 नेपाल में फ्लैश फ्लड से भारी नुकसान
नेपाल-तिब्बत सीमा के आसपास आई अचानक बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। कई इलाकों में सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है तथा बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।
भारत की ओर से भेजी गई राहत सामग्री का उद्देश्य नेपाल के जारी राहत प्रयासों को आवश्यक सामान और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।
🚨 राहत अभियान में आगे भी सहायता की तैयारी
भारतीय वायुसेना के अतिरिक्त परिवहन विमानों के जरिए और राहत सामग्री भेजे जाने की तैयारी है। इसके अलावा बचाव और निकासी अभियानों के लिए हेलीकॉप्टरों को भी तैयार रखने की जानकारी सामने आई है।










