लखनऊ | 25 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश में चीनी की कमी को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में उपलब्ध स्टॉक की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि यूपी में फिलहाल 28 लाख टन चीनी का भंडार मौजूद है, जो करीब सात महीने की खपत के लिए पर्याप्त है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य में हर महीने करीब 4 लाख टन चीनी की खपत होती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश अपनी जरूरत पूरी करने के साथ देश के अन्य हिस्सों को भी चीनी उपलब्ध कराने में सक्षम है। 📢
चीनी की कमी की खबरों पर CM योगी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चीनी की उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में चीनी की कोई कमी नहीं है और लोगों को इसे लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।
उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब देश के अलग-अलग हिस्सों में चीनी की कीमतों और संभावित कमी को लेकर चर्चा चल रही है।
28 लाख टन स्टॉक, सात महीने की जरूरत पूरी करने का दावा
सीएम योगी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में इस समय 28 लाख टन चीनी का स्टॉक उपलब्ध है। राज्य में प्रति माह करीब 4 लाख टन चीनी की खपत होने के आधार पर यह स्टॉक लगभग सात महीने के लिए पर्याप्त बताया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल अपनी खपत पूरी करने की स्थिति में नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर पूरे देश को भी चीनी उपलब्ध करा सकता है।
अक्टूबर में फिर शुरू होंगी चीनी मिलें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि अक्टूबर में चीनी मिलों के दोबारा चालू होने के बाद करीब 90 लाख टन अतिरिक्त चीनी का उत्पादन होगा। इससे आगे की उपलब्धता को लेकर भी स्थिति स्पष्ट होने की बात उन्होंने कही।
नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में पहुंचे थे CM
मुख्यमंत्री मंगलवार को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कृषि विभाग के 3,446 प्राविधिक सहायकों (ग्रुप-सी) और मंडी परिषद के 126 नवनियुक्त मंडी सचिवों को नियुक्ति पत्र दिए।
उन्होंने कहा कि अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके लिए अलग-अलग चरणों में हर सप्ताह नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराने की बात कही गई।
9.30 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां देने का दावा
सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में अब तक 9 लाख 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बरते जाने का दावा भी किया।
मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की भर्ती व्यवस्था का जिक्र करते हुए पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय भर्ती प्रक्रियाओं में युवाओं को परेशानी होती थी और कई मामलों में प्रक्रिया लंबे समय तक अटकी रहती थी।
नकल माफिया पर कार्रवाई का भी किया जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भर्ती में देरी या अनियमितता के लिए युवाओं को जिम्मेदार नहीं माना जा सकता। उन्होंने नकल माफिया और विभिन्न संस्थानों में सक्रिय माफिया के खिलाफ कार्रवाई का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को उनकी योग्यता के आधार पर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।









