देहरादून | 25 अगस्त 2026
उत्तराखंड में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उत्पादों को बाजार देने के लिए चल रही ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ का अगले साल से विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अब यह उत्सव रक्षाबंधन से 15 दिन पहले शुरू होगा और पूरे पखवाड़े तक आयोजित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सचिवालय में महिला स्वयं सहायता समूहों के स्टॉलों का शुभारंभ किया। इन स्टॉलों पर राखियों के साथ अलग-अलग स्थानीय उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। 🎯
तीन साल में 4,480 स्टॉल, 12.50 करोड़ रुपये के उत्पाद बिके
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत पिछले तीन वर्षों में प्रदेश के 95 विकासखंडों में 4,480 स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के जरिए करीब 12 करोड़ 50 लाख रुपये के उत्पादों की बिक्री हुई।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को बाजार और बिक्री का बेहतर अवसर मिलने से उनकी आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिल सकती है।
अगले साल से 15 दिन पहले शुरू होगा उत्सव
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अगले वर्ष से ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव’ की शुरुआत रक्षाबंधन से 15 दिन पहले की जाएगी। इसे पखवाड़े के रूप में आयोजित करने का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने के लिए अधिक समय और बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जनपदों से वर्चुअल माध्यम से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से भी बातचीत की। महिलाओं ने योजना के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि बाजार उपलब्ध होने से उनके लिए आजीविका के नए अवसर बने हैं।
सचिवालय में लगे स्टॉलों पर स्थानीय उत्पाद
मुख्यमंत्री ने सचिवालय में लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और महिलाओं द्वारा तैयार की गई राखियों तथा अन्य स्थानीय उत्पादों के बारे में जानकारी ली।
उन्होंने सचिवालय के अधिकारियों और कर्मचारियों से इन स्टॉलों से खरीदारी कर महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने इसे ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना से जोड़ा।
उनका कहना था कि स्थानीय उत्पाद खरीदने से महिलाओं के हुनर और मेहनत को प्रोत्साहन मिलने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।
उत्तराखंड में 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के स्थानीय उत्पादों को गांव और घर तक सीमित रखने के बजाय उन्हें व्यापक बाजार, उचित मूल्य और नई पहचान उपलब्ध कराना है।
उनके अनुसार, वर्तमान में प्रदेश में 70 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूह काम कर रहे हैं। इनसे 5 लाख 20 हजार से अधिक ग्रामीण परिवार जुड़े हुए हैं।
इन समूहों को मजबूती देने के लिए 8 हजार से अधिक ग्राम संगठन और 615 क्लस्टर लेवल फेडरेशन भी काम कर रहे हैं।
3 लाख से ज्यादा महिलाएं बनीं ‘लखपति दीदी’
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 3 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि अब ‘सशक्त बहना उत्सव’ को आगे बढ़ाते हुए इसे ‘सशक्त बहना बाजार’ के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा।
इससे महिला समूहों के उत्पादों को पर्यटन स्थलों, धार्मिक यात्रा मार्गों, रेलवे स्टेशनों, एयरपोर्ट और होटल-रिसॉर्ट तक पहुंचाने में मदद मिलने की बात मुख्यमंत्री ने कही।
49 ग्रोथ सेंटर और 110 बिक्री केंद्र
महिला समूहों के उत्पादों के लिए राज्य में विपणन व्यवस्था को मजबूत करने की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने दी।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में:
- 49 ग्रोथ सेंटर
- 17 सरस सेंटर
- 33 नैनो पैकेजिंग यूनिट
- 8 बेकरी यूनिट
स्थापित की गई हैं।
इसके अलावा यात्रा मार्गों पर 110 बिक्री केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। सचिवालय समेत अन्य स्थानों पर स्थायी बिक्री केंद्र और राज्य स्तरीय सरस मेलों के जरिए भी महिला समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है।
‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ से लोकल उत्पादों को ग्लोबल बाजार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को ‘लोकल टू ग्लोबल’ पहचान दिलाने का माध्यम बन रहा है।
स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को ई-कॉमर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। महिलाओं को गुणवत्ता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग, लेबलिंग, डिजिटल भुगतान और मार्केटिंग का प्रशिक्षण देने की बात भी कही गई।
महिलाओं के सम्मान और आत्मनिर्भरता पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और समान अधिकारों की दिशा में समान नागरिक संहिता लागू किए जाने को भी महत्वपूर्ण कदम बताया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा, स्वाभिमान और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए काम कर रही है।
कार्यक्रम में इन अधिकारियों की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव झरना कमठान, अनुराधा पाल, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
वर्चुअल माध्यम से सभी जनपदों के मुख्य विकास अधिकारी भी कार्यक्रम से जुड़े।










