देहरादून | 25 अगस्त 2026
उत्तराखंड में धीमी गति से आगे बढ़ रही रोपवे परियोजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को काम में तेजी लाने और राज्य स्थापना दिवस 9 नवंबर तक परियोजनाओं की प्रगति धरातल पर नजर आने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी कार्यदायी संस्थाओं से 15 दिन के भीतर अपनी-अपनी प्रगति रिपोर्ट मुख्य सचिव को सौंपने को कहा है। इसके बाद वे स्वयं इन परियोजनाओं की दोबारा समीक्षा करेंगे। 🎯
रोपवे परियोजनाओं में देरी पर मुख्यमंत्री सख्त
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में प्रदेश की विभिन्न रोपवे परियोजनाओं की समीक्षा की। बैठक के दौरान परियोजनाओं की धीमी रफ्तार पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की और अधिकारियों को तय समयसीमा के अनुसार काम आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि रोपवे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल कागजी प्रक्रिया आगे बढ़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि 9 नवंबर तक काम की वास्तविक प्रगति दिखाई देनी चाहिए।
जिलाधिकारियों को लगातार निगरानी के निर्देश
मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों से अपने-अपने जिलों में प्रस्तावित और निर्माणाधीन रोपवे परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने को कहा है।
उन्होंने निर्देश दिए कि जिलाधिकारी कार्यदायी संस्थाओं के साथ लगातार संपर्क और समन्वय बनाए रखें। भूमि, वन भूमि हस्तांतरण, विभागीय मंजूरी या अन्य स्तर पर आने वाली अड़चनों को संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के बीच समन्वय से जल्द दूर किया जाए।
15 दिन में मुख्य सचिव को देनी होगी रिपोर्ट
सभी संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को अब 15 दिनों के भीतर रोपवे परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट मुख्य सचिव को उपलब्ध करानी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा की जाएगी और वह जल्द ही इन योजनाओं की प्रगति को फिर से परखेंगे।
धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए अहम रोपवे कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए रोपवे कनेक्टिविटी राज्य के लिए महत्वपूर्ण है। इससे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने के साथ सड़कों पर यातायात का दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।
रोपवे परियोजनाओं के विस्तार से पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद भी जताई गई।
केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे पर भी जोर
बैठक में केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने इनसे जुड़ी प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए।
प्रस्तुतीकरण के अनुसार, केदारनाथ रोपवे परियोजना की लंबाई 12.90 किलोमीटर और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना की लंबाई 12.40 किलोमीटर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक सुगम होगी।
नैनीताल रोपवे को लेकर भी तेजी के निर्देश
नैनीताल रोपवे परियोजना से जुड़ी कार्रवाई को भी तेज करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल राज्य का प्रमुख पर्यटन स्थल है।
बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने और वहां यातायात के दबाव को कम करने में रोपवे की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
देहरादून-मसूरी रोपवे परियोजना की भी समीक्षा
बैठक में देहरादून-मसूरी रोपवे परियोजना की स्थिति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इससे जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पर्यटन सीजन के दौरान मसूरी में यातायात का दबाव काफी बढ़ जाता है। ऐसे में रोपवे पर्यटकों के लिए वैकल्पिक और सुगम परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के साथ सड़क यातायात का दबाव कम करने में मदद कर सकता है।
यमुनोत्री, पूर्णागिरि और कुंजापुरी परियोजनाओं पर भी नजर
मुख्यमंत्री ने यमुनोत्री, पूर्णागिरि और कुंजापुरी समेत अन्य प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की।
उन्होंने लंबित प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। भूमि या विभागीय स्तर पर लंबित मामलों में संबंधित जिलाधिकारियों को प्रभावी समन्वय स्थापित कर समाधान की दिशा में तेजी से कार्रवाई करने को कहा गया।
हरिद्वार की इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना पर चर्चा
बैठक में हरिद्वार में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड रोपवे परियोजना और त्रिवेणी घाट-नीलकंठ रोपवे से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने सभी रोपवे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में यात्रियों की सुरक्षा, पर्यावरणीय संतुलन और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखने के निर्देश दिए।
NHLML की 11 परियोजनाएं पहले चरण में
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML), उत्तराखंड मेट्रो रेल, शहरी अवस्थापना एवं भवन निर्माण निगम (UKMRC) और पर्यटन विभाग से संबंधित विभिन्न रोपवे परियोजनाओं की स्थिति पर चर्चा हुई।
प्रस्तुतीकरण के अनुसार, पहले चरण में NHLML की 11 प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं और दूसरे चरण में 6 प्रस्तावित परियोजनाओं के अलावा UKMRC से संबंधित परियोजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
9 नवंबर तक दिखना चाहिए काम
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दोबारा स्पष्ट किया कि रोपवे परियोजनाओं की प्रगति केवल प्रक्रियाओं और फाइलों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। 9 नवंबर, राज्य स्थापना दिवस तक इन परियोजनाओं पर काम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए।
उन्होंने संबंधित विभागों, जिलाधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को आपसी समन्वय से लंबित मामलों का जल्द निपटारा करने और परियोजनाओं को गति देने के निर्देश दिए।
15 दिन में मुख्य सचिव को मिलने वाली प्रगति रिपोर्ट के बाद मुख्यमंत्री इन परियोजनाओं की फिर से समीक्षा करेंगे। 📢
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, धीराज गर्ब्याल सहित कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी मौजूद रहे। संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से भी बैठक में शामिल हुए।










