देहरादून | अगस्त 2026
उत्तराखंड में 104 हेल्थ हेल्पलाइन बीते एक दशक में महज स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने वाली सेवा तक सीमित नहीं रही है। अब यह लाभार्थियों से संपर्क, स्वास्थ्य सेवाओं के फॉलोअप, शिकायतों और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं से जुड़े लाभ की पड़ताल का भी माध्यम बन चुकी है। 📞🏥
स्वास्थ्य निदेशालय, देहरादून में संचालित 104 कॉल सेंटर अब तक एक करोड़ 38 लाख से अधिक स्वास्थ्य संबंधी कॉल कर चुका है। यह व्यवस्था राज्य के सभी 13 जिलों में 27 स्वास्थ्य सेवाओं और कार्यक्रमों से जुड़े लाभार्थियों तक पहुंच बना रही है।
कॉल करने के साथ लाभार्थियों से खुद भी होता है संपर्क
104 हेल्थ हेल्पलाइन की खास बात इसका सक्रिय फॉलोअप सिस्टम है। राज्य के किसी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में मरीज के पंजीकरण के बाद उससे जुड़ी जानकारी 104 कॉल सेंटर तक पहुंचती है।
इसके बाद स्वास्थ्य संबंधी चुनौती से जूझ रहे लाभार्थी से नियमित संपर्क कर उसकी स्थिति की जानकारी ली जाती है। इस तरह हेल्पलाइन की भूमिका केवल फोन पर जानकारी देने तक सीमित नहीं रहती।
गर्भवती महिलाओं से लेकर बच्चों तक फॉलोअप
गर्भवती महिलाओं के मामले में 104 हेल्पलाइन की निगरानी व्यवस्था विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। गर्भावस्था के तीसरे महीने से प्रसव तक टीकाकरण और जरूरी स्वास्थ्य सेवाओं का फॉलोअप किया जाता है।
बच्चे के जन्म के बाद करीब डेढ़ वर्ष तक उसके स्वास्थ्य और टीकाकरण की स्थिति पर भी नजर रखी जाती है। इसका उद्देश्य जरूरी टीकों और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता से जुड़ी स्थिति की जानकारी रखना है। 👶
27 स्वास्थ्य सेवाओं और कार्यक्रमों से जुड़ी है हेल्पलाइन
104 कॉल सेंटर राज्य में कई स्वास्थ्य सेवाओं और कार्यक्रमों के लाभार्थियों से संपर्क करता है। इनमें आयुष्मान भारत योजना, आशा कार्यकर्ता, बाल स्वास्थ्य, चारधाम यात्रा, काउंसलिंग, डेंगू, प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास, ई-संजीवनी, हीमोफीलिया, हेपेटाइटिस, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था, एचआईवी, एचपीवी, उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह, मातृ स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, टीबी और थैलेसीमिया शामिल हैं।
इसके अलावा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम और एंटी रेबीज सेवाओं से जुड़े लाभार्थियों को जानकारी और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए परामर्श भी दिया जाता है।
स्वास्थ्य योजनाओं के लाभ की भी होती है पड़ताल
104 हेल्पलाइन के जरिए लाभार्थियों से सीधे फीडबैक लिया जाता है। केंद्र और राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं के तहत मिलने वाले वित्तीय लाभ और प्रोत्साहन की जानकारी भी लाभार्थियों से क्रॉस-चेक की जाती है।
इस प्रक्रिया के जरिए यह जानकारी जुटाई जाती है कि योजनाओं के तहत मिलने वाला लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुंचा है या नहीं।
पहाड़ी राज्य में फॉलोअप का अहम माध्यम
उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए लाभार्थियों से फोन के माध्यम से संपर्क और स्वास्थ्य सेवाओं का फॉलोअप एक महत्वपूर्ण व्यवस्था के रूप में सामने आया है।
एक दशक के दौरान 104 हेल्थ हेल्पलाइन से जुड़े आंकड़े बताते हैं कि यह व्यवस्था स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी के साथ निगरानी, फॉलोअप, फीडबैक और लाभार्थियों तक पहुंच के लिए भी इस्तेमाल हो रही है। 🎯
मुख्यमंत्री धामी ने बताया सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि 104 हेल्थ हेल्पलाइन इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री के अनुसार यह व्यवस्था नागरिकों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ लाभार्थियों तक स्वयं पहुंचकर उनकी स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर निगरानी और फॉलोअप सुनिश्चित कर रही है।









