₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोटों पर बड़ा अपडेट, सरकार ने दी फील्ड ट्रायल को मंजूरी; जानें कब तक आ सकते हैं बाजार में 💵

नई दिल्ली | 13 अगस्त 2026

₹10 और ₹20 के पॉलीमर यानी प्लास्टिक नोटों को लेकर लंबे समय से चल रही चर्चा के बीच सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। इन दोनों मूल्यवर्ग के पॉलीमर बैंकनोट्स के फील्ड ट्रायल को मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन अभी इनके आम लोगों के लिए बाजार में आने की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है।

राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पॉलीमर नोटों को लेकर सरकार की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी।

राज्यसभा में उठा ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोटों का मुद्दा

11 अगस्त को राज्यसभा में सांसद नीरज शेखर ने सरकार से पूछा था कि क्या भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) पॉलीमर करेंसी लाने की तैयारी कर रहा है और यदि ऐसा है तो इसे कब तक जारी किया जा सकता है।

इस सवाल के जवाब में वित्त मंत्री ने बताया कि RBI ने ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के पॉलीमर बैंकनोट्स के एक-एक अरब नोटों के फील्ड ट्रायल का प्रस्ताव सरकार के सामने रखा था। सरकार की ओर से इस प्रस्ताव को मंजूरी दी जा चुकी है।

एक-एक अरब नोटों का होगा फील्ड ट्रायल

सरकार की मंजूरी के बाद अब ₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोटों का फील्ड ट्रायल किया जाएगा। इस परीक्षण का उद्देश्य यह देखना है कि भारतीय परिस्थितियों में ये नोट किस तरह काम करते हैं और उनकी टिकाऊ क्षमता कैसी रहती है।

ट्रायल के नतीजों के आधार पर ही इन नोटों को नियमित रूप से जारी करने को लेकर आगे का फैसला किया जाएगा।

कब आएंगे ₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोट?

सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि आखिर ये नोट आम लोगों के हाथ में कब आएंगे। फिलहाल इसकी कोई आधिकारिक निश्चित तारीख नहीं बताई गई है

वित्त मंत्री के अनुसार, पॉलीमर बैंकनोट्स की खरीद प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है। इसलिए इस समय इन्हें जारी करने की सटीक समयसीमा और इस पूरी प्रक्रिया पर आने वाले खर्च का निश्चित अनुमान बताना संभव नहीं है।

इससे पहले RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा भी पॉलीमर बैंकनोट्स के पायलट प्रोजेक्ट की जानकारी दे चुके हैं। उन्होंने बताया था कि इस परियोजना में भारतीय परिस्थितियों, जलवायु और उपलब्ध बुनियादी ढांचे को ध्यान में रखा जा रहा है। योजना के मुताबिक सब कुछ आगे बढ़ने पर इन्हें अगले वित्तीय वर्ष की शुरुआत में जारी किए जाने की उम्मीद है। हालांकि, इसकी भी कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है।

क्या प्लास्टिक नोट आने के बाद कागज के नोट बंद होंगे?

फिलहाल ऐसा कोई फैसला सामने नहीं आया है। ₹10 और ₹20 के मौजूदा कागजी नोटों को बंद करने की कोई घोषणा नहीं हुई है।

अभी पॉलीमर नोटों को फील्ड ट्रायल के स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है। इसलिए इसे मौजूदा कागजी करेंसी को तुरंत हटाने के फैसले के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

क्या होते हैं पॉलीमर बैंकनोट? 🏦

पॉलीमर बैंकनोट पारंपरिक कॉटन-बेस्ड पेपर की जगह एक विशेष प्लास्टिक सब्सट्रेट से बनाए जाते हैं। ये सामान्य कागजी नोटों की तरह इस्तेमाल किए जा सकते हैं, लेकिन इन्हें अधिक टिकाऊ बनाने के लिए डिजाइन किया जाता है।

नमी, गंदगी और लगातार इस्तेमाल से होने वाले नुकसान के प्रति इनके अपेक्षाकृत अधिक टिकाऊ रहने की उम्मीद होती है।

नकली नोटों पर लग सकती है लगाम

पॉलीमर नोटों में आधुनिक सुरक्षा फीचर्स शामिल किए जा सकते हैं। इनमें सी-थ्रू विंडो, माइक्रो-ऑप्टिक होलोग्राम और विशेष प्रकार की स्याही जैसे सुरक्षा तत्व शामिल हो सकते हैं।

इन तकनीकों का उद्देश्य नोटों की सुरक्षा बढ़ाना और उनकी नकल को मुश्किल बनाना है।

दुनिया के कई देशों में पहले से चल रहे हैं पॉलीमर नोट

पॉलीमर बैंकनोट दुनिया के कई देशों में इस्तेमाल किए जाते हैं। ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, वियतनाम और मैक्सिको जैसे देशों में पॉलीमर करेंसी का इस्तेमाल किया जा रहा है।

भारत में अब ₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोटों के फील्ड ट्रायल के जरिए यह परखा जाएगा कि भारतीय मौसम और परिस्थितियों में इनकी उपयोगिता और टिकाऊपन कैसा रहता है।

अभी क्या साफ है?

  • 💵 ₹10 और ₹20 के पॉलीमर नोटों के फील्ड ट्रायल को मंजूरी मिल चुकी है।
  • 🧾 दोनों मूल्यवर्गों के एक-एक अरब नोटों का ट्रायल प्रस्तावित है।
  • 📅 अभी इनकी लॉन्च की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं हुई है।
  • 🏦 मौजूदा कागजी ₹10 और ₹20 के नोट बंद करने की घोषणा नहीं हुई है।
  • 🔍 ट्रायल के नतीजों के बाद नियमित रूप से पॉलीमर नोट जारी करने पर स्थिति स्पष्ट होगी।