देहरादून | 10 अगस्त 2026
देहरादून और मसूरी रोड के प्रमुख होटल व फाइव स्टार प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा विभाग ने विशेष जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान Taj Hotel, Fairfield, JW Marriott, Hyatt Centric और Hyatt Regency समेत अन्य प्रतिष्ठानों में किचन, स्टोर, खाद्य सामग्री के भंडारण और स्वच्छता व्यवस्था की जांच की गई।
जांच के दौरान Hyatt Regency से मसालों और JW Marriott से तैयार दाल के नमूने लिए गए हैं। विभाग के अनुसार, इन सैंपलों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई तय होगी। 📢
किचन से लेकर स्टोर तक हुई जांच
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड के आयुक्त विनय शंकर पांडे के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है।
विभागीय टीम ने होटल परिसरों में किचन और स्टोर की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इसके अलावा कच्चे माल की गुणवत्ता, खाद्य पदार्थों के रखरखाव, पैकेज्ड फूड और भंडारण व्यवस्था के साथ स्वच्छता मानकों को भी देखा गया।
गुलकंद, ऑर्गेनो और सौंफ को लेकर नोटिस
Hyatt Regency के स्टोर में रखे गुलकंद, इंपोर्टेड ऑर्गेनो और सौंफ के पैक्ड उत्पादों के संबंध में भी विभाग ने कार्रवाई शुरू की है।
विभाग ने संबंधित निर्माताओं को आवश्यक दस्तावेज और उत्पादों से जुड़ी गुणवत्ता संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए नोटिस जारी किए हैं। इस मामले में विभागीय कार्रवाई जारी है।
होटल प्रबंधन को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करने के साथ खाद्य सामग्री की खरीद और उसके इस्तेमाल में जरूरी सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
सैंपल की रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, जांच के दौरान लिए गए नमूनों को नियमानुसार प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है। फिलहाल इन नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उसके निष्कर्षों के आधार पर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
इसलिए फिलहाल लिए गए सैंपलों को लेकर किसी तरह की अंतिम गुणवत्ता संबंधी निष्कर्ष की घोषणा नहीं की गई है।
आयुक्त बोले- खाद्य सुरक्षा के नियम सभी के लिए समान
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त विनय शंकर पांडे ने कहा कि प्रदेश के लोगों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनके अनुसार, खाद्य प्रतिष्ठान छोटा हो या बड़ा, सामान्य दुकान हो या फाइव स्टार होटल—खाद्य सुरक्षा के नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं।
आयुक्त ने यह भी कहा कि एनालॉग पनीर, गैर-दुग्ध उत्पादों या मिलावटी एवं गैर-मानक खाद्य सामग्री के इस्तेमाल अथवा बिक्री से संबंधित शिकायतों को विभाग गंभीरता से लेगा। ऐसे मामलों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
होटल, रेस्टोरेंट और डेयरी की औचक जांच जारी रखने के निर्देश
आयुक्त ने अधिकारियों को होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी, मिठाई की दुकानों और अन्य खाद्य कारोबारियों की नियमित तथा औचक जांच जारी रखने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही खाद्य पदार्थों के नमूने लेने और उनके प्रयोगशाला परीक्षण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया है।
स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों के लिए भी सुरक्षित भोजन पर जोर
सरकार की नीति के तहत खाद्य पदार्थों में मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है।
विभाग का कहना है कि उद्देश्य केवल नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि खाद्य कारोबारियों के बीच गुणवत्ता, स्वच्छता और जिम्मेदार खाद्य प्रबंधन की व्यवस्था को मजबूत करना भी है।
इससे स्थानीय नागरिकों के साथ उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों को भी सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
पूरे देहरादून में आगे भी चलेगा जांच अभियान
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहा है कि यह अभियान एक दिन या कुछ चुनिंदा प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं रहेगा। देहरादून सहित पूरे जनपद में खाद्य प्रतिष्ठानों की औचक जांच, नमूना संग्रहण और गुणवत्ता परीक्षण की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच टीम में ये अधिकारी रहे मौजूद
अभियान के दौरान उपायुक्त गढ़वाल मंडल राजेंद्र रावत, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा जनपद देहरादून मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम क्षेत्र रमेश सिंह और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ऋषिकेश संतोष कुमार सिंह समेत खाद्य सुरक्षा विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।









