देहरादून | 11 अगस्त 2026
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के भाऊवाला में तीज उत्सव के अवसर पर आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम में प्रदेश की मातृशक्ति से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया और महिलाओं से उनके सुझाव, अपेक्षाएं और अनुभव भी सुने। 📢
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के विकास की यात्रा में महिलाओं की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है। उनका कहना था कि ‘सशक्त नारी–समृद्ध उत्तराखंड’ के विजन को धरातल पर उतारने के लिए सरकार महिलाओं को केवल योजनाओं का लाभ देने तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उन्हें नेतृत्व और निर्णय लेने की भूमिका में आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है।
महिलाओं की भागीदारी से ही मजबूत होगा उत्तराखंड
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की वास्तविक शक्ति उसकी मातृशक्ति है। राज्य निर्माण के आंदोलन से लेकर प्रदेश की मौजूदा विकास यात्रा तक महिलाओं ने कठिन परिस्थितियों में परिवार और समाज को संभालने के साथ महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश की महिलाएं घर-परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों में भी तेजी से आगे बढ़ रही हैं। स्वयं सहायता समूह, स्वरोजगार, कृषि, बागवानी, स्थानीय उत्पाद, होमस्टे, उद्यमिता और तकनीक से जुड़ी गतिविधियों के जरिए महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में नए अवसर तैयार कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य महिलाओं को अवसर, सम्मान, नेतृत्व और निर्णय लेने की क्षमता देना है।
सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत और सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है।
उन्होंने कहा कि एकल महिला स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री महिला सतत आजीविका योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना और लखपति दीदी योजना के माध्यम से हजारों महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा गया है।
मुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश में 2.65 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। वहीं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं भी आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ से महिलाओं के उत्पादों को बाजार
महिला उद्यमिता को बाजार उपलब्ध कराने के लिए सरकार की पहल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मंचों के जरिए महिलाओं के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने ‘ड्रोन दीदी’, ‘सोलर सखी’ और ‘महिला सारथी’ जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन पहलों के जरिए महिलाओं को आधुनिक तकनीक और नए आर्थिक अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
केंद्र की योजनाओं का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को नई गति मिली है। उन्होंने केंद्र सरकार की कई योजनाओं का उल्लेख किया।
इनमें उज्ज्वला योजना, मातृ वंदना योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, मुद्रा योजना, स्टैंड-अप इंडिया, स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहायता, लखपति दीदी योजना, मिशन शक्ति, वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।
स्वास्थ्य और सम्मान को लेकर भी सरकार की योजनाएं
महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने ईजा-बोई शगुन, महालक्ष्मी किट, पोषण योजनाओं, आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकत्रियों के मानदेय में वृद्धि और नंदा गौरा योजना का जिक्र किया।
उन्होंने वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और वरिष्ठ नागरिकों के लिए निःशुल्क धार्मिक यात्रा जैसी पहलों का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर, सम्मानित और सशक्त नागरिक के रूप में स्थापित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
महिलाओं से कहा- खुलकर रखें अपनी बात
महिला संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मौजूद महिलाओं से खुलकर अपने विचार और सुझाव साझा करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जनता की आवाज और जमीनी अनुभव को नीतियों में शामिल करने से सरकारी योजनाएं ज्यादा प्रभावी बनती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि उत्तराखंड की मातृशक्ति भविष्य में भी प्रदेश की प्रगति और समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं को तीज पर्व और स्वतंत्रता दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं दीं और उनके स्नेह, विश्वास तथा आशीर्वाद के लिए आभार जताया। 🇮🇳
कार्यक्रम में विधायक सहदेव सिंह पुंडीर सहित कई जनप्रतिनिधि, महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाएं, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।









