काठमांडू | 3 अगस्त
नेपाल में हिंदू राष्ट्र की मांग एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। हाल के दिनों में विभिन्न स्थानों पर इस मांग को लेकर प्रदर्शन हुए हैं। इसी बीच देश के कुछ हिस्सों में सांप्रदायिक तनाव और हिंसा की घटनाओं के बाद राजनीतिक माहौल भी गर्म बना हुआ है। 📢
हिंदू राष्ट्र की बहाली की उठी मांग
रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने नेपाल को फिर से हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग की। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर रैलियां और विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए, जिनमें इस मुद्दे पर सरकार से कदम उठाने की मांग की गई।
हालिया तनाव के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
नेपाल में हाल ही में सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई और कुछ क्षेत्रों में कर्फ्यू भी लागू किया। इन घटनाओं के बाद देश में राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर बहस तेज हो गई है।
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने की शांति बनाए रखने की अपील
हालिया घटनाक्रम के बीच प्रधानमंत्री बालेन्द्र (बालेन) शाह ने नागरिकों से शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने लोगों से अफवाहों से बचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने का आग्रह किया।
सरकार विरोधी प्रदर्शन भी चर्चा में
नेपाल में सरकार के खिलाफ विभिन्न मुद्दों को लेकर भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक और स्वतंत्र रिपोर्टों में हिंदू राष्ट्र की मांग वाले सभी प्रदर्शनों को सीधे प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह सरकार के विरोध से जोड़कर पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए दोनों घटनाक्रमों को अलग संदर्भ में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विमर्श में फिर लौटा पुराना मुद्दा
नेपाल में हिंदू राष्ट्र और राजशाही की बहाली का विषय समय-समय पर राजनीतिक चर्चा का हिस्सा रहा है। हालिया प्रदर्शनों के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय बहस के केंद्र में आ गया है। फिलहाल सरकार की ओर से इस संबंध में कोई नई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।










