अल्मोड़ा | 16 जुलाई 2026
हरेला पर्व के पावन अवसर पर अल्मोड़ा का गरुड़ाबाज मैदान गुरुवार को पर्यावरण संरक्षण, जनसेवा और विकास के संकल्प का साक्षी बना। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य स्तरीय “एक पेड़ माँ के नाम” वृहद पौधारोपण अभियान का शुभारंभ करते हुए पौधा लगाया और प्रदेशवासियों से प्रकृति की रक्षा को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
इसी मंच से मुख्यमंत्री ने “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान में भी हिस्सा लिया, जहां हजारों लोगों ने विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं, जिनमें मोबाइल टावर स्थापना, राज्य अतिथि गृह, मल्टी लेवल पार्किंग और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाली योजनाएं प्रमुख रहीं। 🌱
🌳 “हरेला सिर्फ पर्व नहीं, प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी”
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हरेला केवल एक पारंपरिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी आस्था, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल का संकल्प लेने की अपील की।
उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति लगाए गए पौधे की जिम्मेदारी निभाए, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित उत्तराखंड मिल सकता है।
🕉️ जागेश्वर धाम में पूजा के बाद मिला नई ऊर्जा का एहसास
मुख्यमंत्री ने कहा कि वृद्ध जागेश्वर और जागेश्वर धाम में पूजा-अर्चना के दौरान उन्हें अद्भुत आध्यात्मिक अनुभूति और नई ऊर्जा प्राप्त हुई। यही ऊर्जा उन्हें प्रदेशवासियों की सेवा के लिए लगातार काम करने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक पहचान और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
🏛️ सरकार की उपलब्धियों का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता (यूसीसी), सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून और नकल विरोधी कानून राज्य की सांस्कृतिक पहचान और युवाओं के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
उन्होंने बताया कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से हजारों युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर मिले हैं और सरकार “सेवा, सुशासन और समर्पण” के पांच वर्ष पूरे होने पर प्रदेशभर में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
🏞️ अल्मोड़ा की सांस्कृतिक पहचान को मिलेगा नया विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्मोड़ा अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक महत्व और बौद्धिक परंपरा के लिए देशभर में अलग पहचान रखता है। राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और स्थानीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए तेजी से कार्य कर रही है।
📡 जागेश्वर क्षेत्र को मिली विकास की बड़ी सौगात
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जागेश्वर क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
प्रमुख घोषणाएं
- ✅ वृद्ध जागेश्वर का समग्र विकास किया जाएगा।
- ✅ वृद्ध जागेश्वर मंदिर तक पेयजल योजना बनाई जाएगी।
- ✅ ऐरावत गुफा, जटा गंगा उद्गम स्थल, कोटिलिंग, शिव पाव सहित धार्मिक धरोहरों का पर्यटन की दृष्टि से समग्र विकास होगा।
- ✅ आरतोला में राज्य अतिथि गृह का निर्माण किया जाएगा।
- ✅ जागेश्वर, वृद्ध जागेश्वर और आरतोला क्षेत्र में नए मोबाइल टावर स्थापित किए जाएंगे।
- ✅ आरतोला पार्किंग को मल्टी लेवल पार्किंग में बदला जाएगा।
- ✅ आरतोला-जागेश्वर सड़क पर आरसीसी नालियां और पक्के शोल्डर बनाए जाएंगे, जिससे बिना पेड़ों की कटाई सड़क की क्षमता बढ़ाई जा सके।
- ✅ दन्या डिग्री कॉलेज में एमए की कक्षाएं शुरू की जाएंगी।
🤝 जनकल्याण शिविरों में उमड़ी भीड़
कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का मुख्यमंत्री ने निरीक्षण किया। यहां बड़ी संख्या में लोगों ने सरकारी योजनाओं, प्रमाणपत्रों, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जनकल्याणकारी सुविधाओं का लाभ प्राप्त किया।
नेताओं ने भी रखे विचार
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी और पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि बीते पांच वर्षों में उत्तराखंड CM Dhami Harela Plantation Drive 2026ने विकास के कई नए मानक स्थापित किए हैं और सरकार हर योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
विधायक मोहन सिंह मेहरा ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का जागेश्वर क्षेत्र से विशेष लगाव है और उनका लगातार क्षेत्र का दौरा विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विभागीय अधिकारियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही।








