🏅 उत्तराखंड के खिलाड़ियों के लिए बड़ी खुशखबरी! पदक विजेताओं को तय समय में मिलेगी सरकारी नौकरी, खेल विश्वविद्यालय भी होगा शुरू

देहरादून | 3 जुलाई 2026

उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं को नई उड़ान देने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया तय समय के भीतर पूरी की जाए। साथ ही अधिक से अधिक खिलाड़ियों को खेल विभाग में ही नियुक्ति देने की कार्ययोजना तैयार करने को भी कहा।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को सम्मानित करना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित भविष्य और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना भी है।

🎯 राष्ट्रीय खेल नीति 2025 के अनुरूप बनेगी नई राज्य खेल नीति

बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय खेल नीति 2025 के अनुरूप उत्तराखंड की नई खेल नीति तैयार की जाए, ताकि राज्य के खिलाड़ियों को आधुनिक सुविधाएं, बेहतर प्रशिक्षण और राष्ट्रीय स्तर के अवसर मिल सकें।

उन्होंने कहा कि बदलते समय में खेल नीति को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना जरूरी है, जिससे प्रदेश के युवा खेलों में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकें।

🏟️ अगले महीने से शुरू होगा गोलापार खेल विश्वविद्यालय

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, गोलापार (हल्द्वानी) में आगामी माह से शैक्षणिक सत्र शुरू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रवेश प्रक्रिया, कोच, अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति में तेजी लाने को कहा।

सरकार का लक्ष्य है कि यह विश्वविद्यालय प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए उच्चस्तरीय खेल शिक्षा और प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बने।

⚽ राष्ट्रीय खेलों की विरासत को मिलेगा नया जीवन

मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के दौरान तैयार किए गए खेल ढांचे का पूरा लाभ खिलाड़ियों को मिलना चाहिए। इसके लिए महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज (देहरादून), गोलापार स्टेडियम (हल्द्वानी), रुद्रपुर वेलोड्रोम, टिहरी झील, हरिद्वार और पिथौरागढ़ सहित सभी प्रमुख खेल परिसरों के रखरखाव और बेहतर उपयोग के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए।

उन्होंने अधिकारियों को लेगेसी प्लान पर तेजी से काम करने के भी निर्देश दिए।

🥇 2027 राष्ट्रीय खेलों की तैयारी अभी से

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि 39वें राष्ट्रीय खेल 2027 में उत्तराखंड पहले से बेहतर प्रदर्शन करे, इसके लिए अभी से विभिन्न खेलों में विशेष प्रशिक्षण शिविर शुरू किए जाएं। साथ ही खेल संघों के सहयोग से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान और चयन प्रक्रिया को तेज किया जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य देवभूमि को खेलभूमि के रूप में स्थापित करना है।

🏸 ‘एक जिला-एक खेल’ योजना को मिलेगी रफ्तार

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ‘एक जिला-एक स्पोर्ट्स (ODOS)’ योजना के तहत प्रत्येक जिले में चिन्हित खेलों के लिए कोचिंग, प्रतिभा खोज और प्रतियोगिताओं का मजबूत ढांचा विकसित किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि हर जिला खेल छात्रावास को संबंधित खेल की स्पोर्ट्स नर्सरी के रूप में विकसित किया जाए, ताकि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को भी आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।

📊 बैठक में सामने आए अहम आंकड़े

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि—

  • अब तक 29 पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में समायोजित किया जा चुका है।
  • ‘एक ब्लॉक-एक मिनी स्टेडियम’ योजना के तहत 48 मिनी स्टेडियम बनकर तैयार हो चुके हैं।
  • 10 मिनी स्टेडियमों का निर्माण कार्य तेजी से जारी है।
  • अन्य प्रस्तावित स्टेडियमों के लिए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया प्रगति पर है।

👩‍🎓 महिला खिलाड़ियों और खेल शिक्षा को भी मिलेगा बढ़ावा

बैठक में बताया गया कि लोहाघाट में भारत का पहला महिला आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेज तेजी से तैयार किया जा रहा है। इसके संचालन के लिए 16 पद सृजित किए जा चुके हैं और प्रवेश प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।

वहीं उत्तराखंड का पहला और देश का दसवां राज्य खेल विश्वविद्यालय गोलापार (हल्द्वानी) में विकसित किया जा रहा है, जहां सभागार, केंद्रीय पुस्तकालय, स्वास्थ्य केंद्र, कैफेटेरिया, अनुसंधान केंद्र, शूटिंग रेंज, बैडमिंटन हॉल, हॉकी और फुटबॉल मैदान, 8-लेन एथलेटिक्स ट्रैक समेत 39 आधुनिक खेल अवसंरचना परियोजनाओं पर काम जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश के हर खिलाड़ी को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं, बेहतर प्रशिक्षण और अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिले।