🩺 डॉक्टर्स डे पर मुख्यमंत्री धामी का बड़ा संदेश: “चिकित्सक देवभूमि के आरोग्य प्रहरी”, स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने का दोहराया संकल्प

देहरादून | 2 जुलाई 2026

🎯 राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर उत्तराखंड के चिकित्सकों को सम्मान देते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें “देवभूमि के आरोग्य प्रहरी” बताया और कहा कि स्वस्थ उत्तराखंड के निर्माण में डॉक्टरों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार चिकित्सकों की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

देहरादून के चकराता रोड स्थित एक होटल में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), देहरादून शाखा द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले चिकित्सकों को सम्मानित किया और प्रदेश के सभी डॉक्टरों, स्वास्थ्य कर्मियों तथा चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों को डॉक्टर्स डे की शुभकामनाएं दीं।

🌼 डॉ. बिधान चंद्र रॉय को श्रद्धांजलि, सेवा भावना को किया नमन

मुख्यमंत्री ने भारत रत्न डॉ. बिधान चंद्र रॉय की जयंती एवं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन चिकित्सा सेवा, मानव कल्याण और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण की मिसाल है।

उन्होंने कहा कि डॉक्टर केवल बीमारी का इलाज करने वाले विशेषज्ञ नहीं होते, बल्कि वे मरीजों के लिए विश्वास, उम्मीद और नई जिंदगी का आधार बनते हैं। भारतीय संस्कृति में चिकित्सकों को विशेष सम्मान इसलिए दिया गया है क्योंकि वे सेवा, संवेदना और समर्पण की सर्वोच्च मिसाल पेश करते हैं।

🏔️ दुर्गम पहाड़ों में सेवा दे रहे डॉक्टरों की सराहना

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश के चिकित्सक दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में निरंतर सेवाएं देकर स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बना रहे हैं। उन्होंने इन डॉक्टरों को देवभूमि के वास्तविक “आरोग्य प्रहरी” बताते हुए उनके समर्पण को नमन किया।

उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों और स्वास्थ्य योद्धाओं के योगदान को याद करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में उन्होंने अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखा और कई चिकित्सकों ने मानव जीवन बचाने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान भी दिया।

💙 आयुष्मान भारत से 12 लाख मरीजों को मिला मुफ्त इलाज

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार हो रहा है। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में अब तक 62 लाख से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं और 12 लाख से अधिक मरीजों को ₹2300 करोड़ से अधिक का निःशुल्क कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक स्थिति किसी भी नागरिक के इलाज में बाधा न बने।

🏥 मेडिकल कॉलेजों से लेकर कैंसर संस्थान तक तेज़ी से बढ़ रहा स्वास्थ्य ढांचा

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार निवेश किया जा रहा है। वर्तमान में पांच मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जबकि दो नए मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं।

इसके अलावा—

  • देहरादून, हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
  • हल्द्वानी में आधुनिक कैंसर संस्थान का निर्माण प्रगति पर है।
  • जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है।
  • किच्छा में एम्स के सैटेलाइट सेंटर का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच चुका है।

🚁 टेलीमेडिसिन और हेली एंबुलेंस बनी जीवनरक्षक

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार किया है। वहीं आपातकालीन परिस्थितियों में हेली एंबुलेंस सेवा दूरस्थ इलाकों के मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है।

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा दे रही है, लेकिन किसी भी स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत उसके समर्पित डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी ही होते हैं।

⚖️ डॉक्टरों की सुरक्षा और सम्मान सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्तियों के साथ-साथ उनकी सुरक्षा और सम्मान को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी डॉक्टर के साथ हिंसा या अभद्र व्यवहार को किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने सभी चिकित्सकों से अपने स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने की अपील करते हुए कहा कि स्वस्थ चिकित्सक ही स्वस्थ समाज की मजबूत नींव रख सकता है।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सरकार, चिकित्सा संस्थानों, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और समाज के सामूहिक प्रयासों से उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाएं आने वाले समय में और अधिक मजबूत होंगी तथा राज्य का प्रत्येक नागरिक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं से लाभान्वित होगा।