मुख्यमंत्री धामी और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने की दिव्य गंगा आरती, विश्व शांति की मांगी कामना

ऋषिकेश में आध्यात्म, संस्कृति और सनातन परंपरा का अद्भुत दृश्य, गूंजे वेद मंत्र और भक्ति के स्वर

ऋषिकेश | 29 मई 2026

देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक राजधानी ऋषिकेश शुक्रवार शाम उस समय श्रद्धा और भक्ति के रंग में सराबोर हो उठी, जब परमार्थ निकेतन के पावन गंगा तट पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भव्य गंगा आरती में सहभाग कर मां गंगा का पूजन-अर्चन किया। दीपों की अलौकिक आभा, वेद मंत्रों की गूंज और भक्ति रस से ओतप्रोत वातावरण ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया।

मुख्यमंत्री धामी और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने मां गंगा के समक्ष देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, जनकल्याण, उत्तम स्वास्थ्य और विश्व शांति की कामना की। गंगा तट पर आयोजित इस दिव्य आयोजन में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।

“गंगा केवल नदी नहीं, भारत की आध्यात्मिक चेतना की धारा है” : नितिन नबीन

सभा को संबोधित करते हुए भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि मां गंगा के पावन तट पर पहुंचना हमेशा आत्मिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कराता है। उन्होंने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, आस्था और सनातन मूल्यों की जीवंत पहचान है, जिसने सदियों से भारतीय सभ्यता और आध्यात्मिक चेतना को पोषित किया है।

उन्होंने संत परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि जब-जब देश सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक चुनौतियों से गुजरा, तब संतों और ऋषियों ने अपने ज्ञान, तप और त्याग के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का कार्य किया। भारत की आध्यात्मिक विरासत आज भी विश्व को आकर्षित कर रही है और उत्तराखंड जैसी देवभूमि इस विरासत की आत्मा है।

नितिन नबीन ने कहा कि गंगा, संत परंपरा और भारतीय संस्कृति का संरक्षण केवल धार्मिक कर्तव्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है।

स्वामी चिदानंद मुनि ने दिया गंगा संरक्षण और मानव सेवा का संदेश

परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि ने मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों का स्वागत करते हुए गंगा संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और मानव सेवा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर निरंतर नई ऊंचाइयों को छू रहा है और राष्ट्रहित में लिए गए फैसलों से देश की प्रतिष्ठा विश्वभर में मजबूत हुई है।

स्वामी चिदानंद मुनि ने उत्तराखंड को दिव्यता, संयम और संगम की भूमि बताते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विकास कार्यों की सराहना की और गंगा तथा भारतीय संस्कृति के वैश्विक महत्व को रेखांकित किया।

संत समाज और जनप्रतिनिधियों की रही विशेष उपस्थिति

इस अवसर पर जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी, निरंजन अखाड़े के महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरी, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, स्थानीय विधायक रेनू बिष्ट सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी, संत-महात्मा और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

🎯 गंगा आरती के इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि उत्तराखंड केवल प्राकृतिक सौंदर्य की भूमि नहीं, बल्कि भारतीय आध्यात्मिक चेतना और सनातन संस्कृति का जीवंत केंद्र भी है।