रुद्रप्रयाग/गुप्तकाशी, 17 अप्रैल 2026 | ग्राउंड रिपोर्ट
केदारनाथ धाम की पवित्र यात्रा से पहले देवभूमि उत्तराखंड में तैयारियों की रफ्तार तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खुद ग्राउंड जीरो पर उतरकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक सड़क मार्ग से यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया और साफ संदेश दिया—इस बार की केदारनाथ यात्रा “ग्रीन” और “प्लास्टिक मुक्त” होगी। 🌿
🚩 22 अप्रैल से खुलेंगे बाबा केदार के कपाट
सनातन परंपराओं के अनुसार 22 अप्रैल 2026 को श्री केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।
हर साल लाखों श्रद्धालु इस आस्था की यात्रा पर निकलते हैं, और इस बार सरकार इसे पहले से ज्यादा सुरक्षित, व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने में जुटी है।
🛣️ सड़क से सुरंग तक—सीएम ने खुद किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री धामी ने राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक यात्रा करते हुए—
- जवाड़ी बाईपास
- निर्माणाधीन सुरंग
- तिलवाड़ा क्षेत्र
- बांसवाड़ा और कुंड-काकड़ागाड़ जैसे भूस्खलन संभावित इलाकों
का बारीकी से निरीक्षण किया।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क मरम्मत, झाड़ी कटान, साइनेज और सुरक्षा इंतजाम हर हाल में यात्रा शुरू होने से पहले पूरे किए जाएं।
⚠️ श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सम्मान सर्वोपरि
गुप्तकाशी में हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए—
👉 श्रद्धालुओं के साथ व्यवहार सौम्य और संवेदनशील हो
👉 हेलीपैड और संवेदनशील क्षेत्रों में यात्री शेड, दवाइयां, पानी और फूड पैकेट उपलब्ध हों
👉 आपदा या आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जाए
🌱 “ग्रीन यात्रा” पर सरकार का फोकस
इस बार केदारनाथ यात्रा को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी, ताकि श्रद्धालुओं में कोई भ्रम न फैले।
🛍️ “वोकल फॉर लोकल” से जुड़ेंगे पहाड़ के लोग
सरकार स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने पर जोर दे रही है।
👉 स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को यात्रा से जोड़ा जाएगा
👉 स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा
👉 रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
यह कदम पहाड़ के गांवों में नई उम्मीद जगाने वाला साबित हो सकता है।










