आध्यात्मिक ऊर्जा के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समाज को जोड़ने वाला बड़ा संदेश दिया।
🕊️ हरिद्वार से उठा “वसुधैव कुटुम्बकम्” का संदेश
हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान में आयोजित “मानव सेवा एवं उत्थान समिति” के सद्भावना सम्मेलन और बैसाखी महोत्सव 2026 में सीएम धामी ने कहा कि भारत की असली पहचान उसकी सनातन सोच है—जहां पूरा विश्व एक परिवार माना जाता है। उन्होंने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ को सिर्फ एक श्लोक नहीं, बल्कि भारत की आत्मा बताया।
🙏 संतों की मौजूदगी में सामाजिक चेतना का संगम
देशभर से आए संतों, माताओं, बहनों और युवाओं के बीच मुख्यमंत्री ने बैसाखी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा भरते हैं। उन्होंने सतपाल महाराज के मार्गदर्शन में समिति द्वारा किए जा रहे सेवा और समरसता के कार्यों को प्रेरणादायी बताया।
🌍 वैश्विक मंच पर भारत की मानवीय भूमिका
सीएम धामी ने कहा कि आज जब दुनिया संघर्षों और तनाव से जूझ रही है, तब भारत प्रेम और मानवता का संदेश दे रहा है। उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘एक पृथ्वी-एक परिवार-एक भविष्य’ की सोच को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने का उल्लेख किया।
कोरोना काल में वैक्सीन सहायता, योग-आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाना—ये सभी उदाहरण भारत की मानवीय प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
⚖️ समान नागरिक संहिता: सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सौहार्द किसी भी राष्ट्र की प्रगति की नींव होते हैं। इसी कड़ी में उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता को उन्होंने सामाजिक न्याय और समानता सुनिश्चित करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया।
🛕 संस्कृति और आस्था को सशक्त करने पर जोर
सीएम धामी ने उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत को संजोने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने केदारनाथ मंदिर और बद्रीनाथ मंदिर में चल रहे पुनर्निर्माण कार्यों, हरिद्वार-ऋषिकेश कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर के विकास को प्राथमिकता बताया।
साथ ही, दून विश्वविद्यालय में “सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज” की स्थापना को भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने वाला अहम कदम बताया।
✨ दूरगामी असर वाला आयोजन
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह सद्भावना सम्मेलन समाज में एकता, सेवा और भाईचारे की भावना को और मजबूत करेगा। उन्होंने आयोजन के लिए समिति और सतपाल महाराज को शुभकामनाएं भी दीं।










