देहरादून का परेड ग्राउंड शनिवार को जनजातीय रंगों, परंपराओं और संस्कृति की जीवंत झलक से सराबोर नजर आया। पुष्कर सिंह धामी ने यहां आयोजित उत्तराखंड राज्य जनजातीय महोत्सव 2026 में शिरकत की, जहां देश के 12 राज्यों से आए जनजातीय प्रतिनिधियों ने अपनी संस्कृति और लोक परंपराओं से पूरे माहौल को राष्ट्रीय स्वरूप दे दिया। 🎯
🌿 संस्कृति, परंपरा और पहचान का भव्य संगम
परेड ग्राउंड में आयोजित इस महोत्सव में रंग-बिरंगे परिधान, लोकगीत और पारंपरिक नृत्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह आयोजन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की जीवंत विरासत और गौरव का उत्सव बन गया।
🏆 ‘आदि गौरव सम्मान’ से हुआ सम्मानित
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर थारू लोक गायिका स्व. रिंकू देवी राणा और दर्शन लाल को ‘आदि गौरव सम्मान’ से सम्मानित किया। साथ ही समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत 14,272.185 लाख रुपये की पेंशन ‘वन क्लिक’ के जरिए सीधे लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की गई—जिसने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया।
🧑🌾 जनजातीय समाज: राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज केवल परंपराओं का संरक्षक नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि यह समाज प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीता है और पर्यावरण संरक्षण, सीमांत क्षेत्रों की सुरक्षा और सामाजिक समरसता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
📚 शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए कई ऐतिहासिक योजनाएं चलाई जा रही हैं।
‘एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय’, ‘वन धन योजना’, ‘प्रधानमंत्री जनजातीय विकास मिशन’ और ‘जनजातीय उन्नत ग्राम अभियान’ जैसी योजनाएं शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता को नई दिशा दे रही हैं।
🇮🇳 जनजातीय गौरव और बढ़ती भागीदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाना जनजातीय समाज के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि द्रौपदी मुर्मू का देश के सर्वोच्च पद पर आसीन होना इस समाज की बढ़ती भागीदारी का प्रमाण है।
🏗️ उत्तराखंड में जनजातीय विकास को मिल रही नई रफ्तार
राज्य सरकार द्वारा 128 जनजातीय गांवों के समग्र विकास, एकलव्य विद्यालयों के संचालन, आईटीआई, छात्रवृत्ति और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग जैसी कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।
देहरादून में ‘आदि लक्ष्य संस्थान’ की स्थापना भी की जा रही है, जिससे जनजातीय युवाओं को UPSC/PCS जैसी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलेगी।
⚖️ परंपरा के संरक्षण के साथ विकास की राह
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय समाज की परंपराओं और सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि विकास और विरासत—दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ा जाएगा।
इस भव्य आयोजन में कैबिनेट मंत्री खजान दास, विधायक सविता कपूर सहित कई गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।










