🚆 पहाड़ों में दौड़ेगी विकास की रफ्तार: रेल परियोजनाओं पर CM धामी सख्त, एस्केप टनल बनेंगी ‘पैरेलल रोड’

देहरादून, 
उत्तराखंड के पहाड़ों में विकास की नई पटरी बिछाने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में राज्य की निर्माणाधीन और प्रस्तावित रेल परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि रेल टनलों के साथ बनने वाली एस्केप टनलों को भविष्य में समानांतर सड़कों (पैरेलल रोड) के रूप में विकसित करने की ठोस योजना बनाई जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में बनी एस्केप टनल सिर्फ सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि भविष्य में यातायात के विकल्प के रूप में भी उपयोगी साबित हो सकती हैं। इसके लिए अभी से कार्ययोजना तैयार की जाए।


🏔️ कर्णप्रयाग से बागेश्वर तक रेल विस्तार की तैयारी

बैठक में मुख्यमंत्री ने कर्णप्रयाग से बागेश्वर तक रेल लाइन विस्तार की संभावनाओं पर गंभीरता से काम करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह विस्तार कुमाऊं-गढ़वाल के बीच कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा और पर्यटन-व्यापार को मजबूत बनाएगा।


🚉 टनकपुर-बागेश्वर रेललाइन को राष्ट्रीय परियोजना बनाने की मांग

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित कराने के लिए केंद्र सरकार से औपचारिक आग्रह किया जाए।

उन्होंने कहा कि इससे परियोजना को वित्तीय और प्रशासनिक गति मिलेगी और अधिकतम क्षेत्र व जनता को इसका लाभ मिल सकेगा।

साथ ही इस रेल मार्ग को अल्मोड़ा और सोमेश्वर क्षेत्रों से जोड़ने के विकल्पों पर भी काम करने को कहा गया।


🏪 रेलवे स्टेशनों के आसपास बनेंगे बाजार और रोजगार केंद्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग परियोजना के अंतर्गत बनने वाले सभी स्टेशनों के लिए इंटीग्रेटेड प्लान तैयार किया जाए।

👉 स्टेशनों के आसपास स्थानीय बाजार विकसित होंगे
👉 स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उत्पादों की बिक्री की व्यवस्था होगी
👉 होमस्टे और स्वरोजगार योजनाओं पर लोगों को जागरूक किया जाएगा

उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि रेलवे स्टेशनों के आसपास के गांव, धार्मिक स्थल और पर्यटन क्षेत्रों के विकास का रोडमैप तैयार किया जाए, ताकि भविष्य में आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।


📊 परियोजनाओं की प्रगति: काम तेज रफ्तार से जारी

बैठक में बताया गया कि:

  • ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का 72.5% काम पूरा हो चुका है

  • टनल निर्माण का 95.30% कार्य पूरा

  • कुल 28 टनल — 16 मुख्य और 12 एस्केप टनल

  • स्टेशन अलग-अलग धार्मिक-सांस्कृतिक थीम पर बन रहे हैं


🎯 पहाड़ों में विकास का नया अध्याय

विशेषज्ञ मानते हैं कि इन रेल परियोजनाओं से उत्तराखंड में पर्यटन, व्यापार, रोजगार और कनेक्टिविटी को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। साथ ही दूरदराज के इलाकों तक पहुंच आसान होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।