देहरादून | 10 फरवरी 2026
आस्था, संस्कृति और सनातन परंपरा के महापर्व कुंभ मेला-2027, हरिद्वार को लेकर उत्तराखंड सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में कुंभ मेला-2027 की तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि कुंभ से जुड़ी सभी तैयारियां हर हाल में अक्टूबर माह तक पूरी कर ली जाएं।
मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि कुंभ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा विषय है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
🏗️ निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
सीएम धामी ने कहा कि कुंभ से संबंधित सभी निर्माण कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे हों और उनकी गुणवत्ता सर्वोच्च स्तर की हो। शासन स्तर पर कुंभ से जुड़ी कोई भी फाइल लंबित न रहे। यदि किसी भी स्तर पर कार्य में देरी पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
उन्होंने पीडब्ल्यूडी सचिव को निर्देश दिए कि अगले 24 घंटे के भीतर कुंभ मेला के लिए तकनीकी पदों पर अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही कुंभ क्षेत्र में बने सभी पुलों का ऑडिट, घाटों का सौंदर्यकरण और आवश्यकता अनुसार पुनर्निर्माण कराया जाए।
🌊 हर घाट पर श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित स्नान व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल हर की पैड़ी ही नहीं, बल्कि कुंभ क्षेत्र के सभी प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और सुव्यवस्थित स्नान व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
🚨 सुरक्षा, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने मेला क्षेत्र की स्वच्छता को लेकर विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
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सभी प्रमुख स्थानों पर शौचालय
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शुद्ध पेयजल की व्यवस्था
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पर्याप्त सुरक्षा बल और जल पुलिस की तैनाती
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ड्रोन, सीसीटीवी और आधुनिक निगरानी उपकरणों का उपयोग
उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था, पार्किंग और भीड़ प्रबंधन को लेकर अलग से माइक्रो प्लान तैयार किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
🏕️ अखाड़ों से समन्वय, टेंट सिटी और स्वास्थ्य सेवाएं
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कुंभ क्षेत्र में सभी अखाड़ों को भूमि आवंटन समय पर किया जाए और इसकी मॉनिटरिंग स्वयं कुंभ मेलाधिकारी करें। अखाड़ों, मठों, संत समाज, संस्थाओं और स्थानीय लोगों से निरंतर समन्वय बनाए रखा जाए तथा उनके सुझावों को भी तैयारियों में शामिल किया जाए।
श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम बनाने के लिए अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही वन विभाग से संबंधित मामलों में शीघ्र अनुमति लेने और अन्य राज्यों से भी समन्वय स्थापित करने को कहा गया।
सीएम धामी ने कहा कि टेंट सिटी, आवास व्यवस्था, अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस और मोबाइल मेडिकल यूनिट्स की तैयारी समय से पूरी होनी चाहिए। कागजों के साथ-साथ विकास कार्य धरातल पर भी दिखाई देने चाहिए।
🙏 “श्रद्धालु देवभूमि से अच्छा अनुभव लेकर लौटें”
मुख्यमंत्री ने कहा, “कुंभ मेला हमारी संस्कृति, आस्था और करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा है। इस आयोजन को सफल बनाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। जो भी श्रद्धालु देवभूमि आए, वह यहां से एक सकारात्मक और सुरक्षित अनुभव लेकर जाए।”
👥 बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, रेनू बिष्ट, अनुपमा रावत, रवि बहादुर, उत्तराखण्ड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव एल. फैनई, आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, नितेश झा, कुंभ मेलाधिकारी सोनिका सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।









