देहरादून | टाइम्स ऑफ़ इंडिया – डेस्टिनेशन उत्तराखंड 2.0 कॉन्क्लेव
देहरादून की हवा में आज उम्मीद, विज़न और नए उत्तराखंड का आत्मविश्वास साफ महसूस हो रहा था। टाइम्स ऑफ़ इंडिया के “डेस्टिनेशन उत्तराखंड 2.0” कॉन्क्लेव में मंच पर थे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, और सामने देश–दुनिया के उद्योग जगत, मीडिया, नीतिनिर्माताओं और विशेषज्ञों की मौजूदगी।
सीएम धामी ने साफ शब्दों में संदेश दिया –
“उत्तराखंड अब सिर्फ पर्यटकों का ठिकाना नहीं,
इंवेस्टमेंट और इनोवेशन का नया सेंटर बन चुका है।” 🎯
25 साल की उत्तराखंड यात्रा: चुनौतियों के बीच उपलब्धियों की इबारत
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड राज्य की 25 साल की यात्रा को याद करते हुए कहा कि यह सफर
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कठिन चुनौतियों,
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पहाड़ जैसे बाधाओं,
लेकिन साथ ही -
उल्लेखनीय उपलब्धियों से भरा रहा है।
उन्होंने कहा कि 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जो विकास की नई धारा देश में बहनी शुरू हुई, उसका प्रभाव उत्तराखंड पर भी साफ दिख रहा है।
डबल इंजन सरकार की बदौलत राज्य में –
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शिक्षा
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स्वास्थ्य
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सड़क और हवाई कनेक्टिविटी
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पेयजल
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खेल
जैसे क्षेत्रों में बड़े स्तर पर सुधार और विस्तार हुआ है।
सीएम ने बताया कि लोकल फॉर वोकल, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसे राष्ट्रीय अभियानों को उत्तराखंड ने दिल से अपनाया और इन्हें पहाड़ की ज़मीन से जोड़ा।
“देवभूमि को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी बनाना हमारा संकल्प” – सीएम धामी
कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार का बड़ा विज़न सिर्फ आर्थिक नहीं, आध्यात्मिक भी है –
“हमारा लक्ष्य है कि आने वाले समय में उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित किया जाए।”
इसी दिशा में –
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केदारखंड और मानसखंड क्षेत्रों में आधुनिकीकरण व सौंदर्यीकरण
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हरिपुर कालसी में यमुनातीर्थ स्थल का पुनरुद्धार
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हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर का विकास
जोर–शोर से चल रहा है।
इसके साथ ही शीतकालीन यात्रा की पहल ने ये तय कर दिया कि उत्तराखंड में अब पर्यटन सिर्फ चार–पाँच महीनों तक सीमित नहीं, बल्कि बारहों महीने चलेगा।
धार्मिक, एडवेंचर, वेलनेस और वेडिंग – टूरिज़्म के चार बड़े पिलर 🌐
सीएम धामी ने बताया कि उत्तराखंड अब
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धार्मिक पर्यटन के साथ–साथ
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एडवेंचर टूरिज़्म (ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, माउंटेन बाइकिेंग),
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वेलनेस टूरिज़्म (योग, ध्यान, आयुर्वेद),
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फिल्म शूटिंग और वेडिंग डेस्टिनेशन
के रूप में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान बना चुका है।
इससे –
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होमस्टे
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लोकल टैक्सी
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गाइड
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हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पाद
सबको सीधा फायदा हो रहा है और गांव की अर्थव्यवस्था में नई जान आ रही है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से ज़मीन पर उतरा 1 लाख करोड़ निवेश 💰
औद्योगिक विकास की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 उत्तराखंड के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुई।
उन्होंने बताया कि –
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समिट में 3.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले
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इनमें से करीब 1 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव अब ज़मीन पर उतर चुके हैं
निवेश को आसान बनाने के लिए –
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सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया
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30 से अधिक नई नीतियाँ लागू की गईं
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लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाया गया
इसी का परिणाम है कि उत्तराखंड अब निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बन रहा है।
“एक जनपद–दो उत्पाद” से “हाउस ऑफ हिमालयाज” तक: लोकल को ग्लोबल पहचान
मुख्यमंत्री ने स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और मार्केटिंग का ज़िक्र करते हुए कहा कि –
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एक जनपद–दो उत्पाद योजना के तहत
हर जिले की खास पहचान वाले उत्पादों को बढ़ावा दिया जा रहा है। -
हाउस ऑफ हिमालयाज ब्रांड के माध्यम से
इन उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में जगह दिलाई जा रही है।
इसके साथ–साथ –
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स्टेट मिलेट मिशन
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एप्पल मिशन
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होमस्टे नीति
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नई फिल्म नीति
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सौर स्वरोजगार योजना
ने स्थानीय अर्थव्यवस्था, किसानी और स्वरोजगार को मजबूत करने में अहम योगदान दिया है।
रैंकिंग्स में चमका उत्तराखंड: SDG, स्टार्टअप और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में शानदार प्रदर्शन 📈
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंकड़े भी अब उत्तराखंड की कहानी खुद बयां कर रहे हैं –
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नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्यों (SDG) इंडेक्स में
उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान हासिल हुआ। -
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में
राज्य अचीवर्स श्रेणी में शामिल हुआ। -
स्टार्टअप रैंकिंग में
उत्तराखंड को लीडर श्रेणी से सम्मानित किया गया।
उन्होंने यह भी बताया कि –
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बेरोज़गारी दर में 4.4 प्रतिशत की रिकॉर्ड कमी
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और 26 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सरकारी नौकरी
ये सब मिलकर यह साबित करते हैं कि राज्य की नीतियाँ सिर्फ कागज़ पर नहीं, ज़मीन पर असर दिखा रही हैं।
यूसीसी, एंटी–लैंड जिहाद और नकल विरोधी क़ानून: सुशासन की नई परिभाषा ⚖️
संवेदनशील लेकिन महत्वपूर्ण मुद्दों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि
सरकार ने सांस्कृतिक मूल्यों, न्याय और सुशासन की रक्षा के लिए कई कड़े लेकिन ज़रूरी कदम उठाए हैं।
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उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर
सभी नागरिकों के लिए एक समान न्याय व्यवस्था सुनिश्चित की। -
लैंड जिहाद, लव जिहाद, अवैध धर्मांतरण और नकल माफियाओं के खिलाफ
कड़े क़ानून लागू कर निर्णायक कार्रवाई की गई। -
10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि अवैध कब्ज़ों से मुक्त कराई गई।
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250 से अधिक अवैध मदरसों को बंद किया गया,
ताकि कानून व्यवस्था और संतुलन कायम रहे।
सीएम ने कहा कि ये कदम
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किसी वर्ग के खिलाफ नहीं,
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बल्कि कानून की समानता, पारदर्शिता और राज्य के भविष्य के लिए उठाए गए हैं।
“जनता की भागीदारी से ही बनेगा विकसित उत्तराखंड” – सीएम धामी
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि –
“कानून, नीतियाँ और निवेश अपने–आप में काफी नहीं होते,
जब तक जनता की भागीदारी और भरोसा साथ न हो।”
उन्होंने विश्वास जताया कि –
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उद्योग जगत,
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समाज,
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युवाओं,
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किसान और उद्यमियों
सबके साझा प्रयासों से उत्तराखंड आने वाले समय में और ऊँचाइयाँ छुएगा।
कार्यक्रम में –
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प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम,
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अपर सचिव बंशीधर तिवारी,
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और टाइम्स ऑफ़ इंडिया समूह के वरिष्ठ पदाधिकारी
विशेष रूप से उपस्थित रहे।










