🎖️ देवभूमि की वीरता को सलाम: राज्य स्थापना की रजत जयंती पर मुख्यमंत्री धामी ने किया ‘पूर्व सैनिक सम्मेलन’ का शुभारंभ

“उत्तराखंड की पहचान वीरता और समर्पण से है” – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

हल्द्वानी, 7 नवम्बर।
राज्य स्थापना की रजत जयंती पर गुरुवार को हल्द्वानी का एम.बी.पी.जी. कॉलेज प्रांगण गर्व और भावनाओं से भर गया, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘पूर्व सैनिक सम्मेलन’ का शुभारंभ किया। देश की रक्षा में अपनी जवानी समर्पित करने वाले पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और वीरांगनाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति ने पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति से सराबोर कर दिया। 🇮🇳

मुख्यमंत्री धामी ने पुष्पवर्षा कर शहीदों और पूर्व सैनिकों को नमन किया और कहा—

“उत्तराखंड का हर घर वीरता की मिसाल है, यहाँ की माटी में ही देशभक्ति और बलिदान की खुशबू रची-बसी है।”


💪 सैनिकों के सम्मान और कल्याण की बड़ी घोषणाएँ

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सैनिक कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए पूरी तरह समर्पित है।

👉 सैनिक कल्याण विभाग का पुनर्गठन और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा, ताकि हर सैनिक परिवार तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुँचे।
👉 हल्द्वानी, अल्मोड़ा और पौड़ी में जिला सैनिक कल्याण कार्यालयों और आवासीय भवनों का पुनर्निर्माण किया जाएगा।
👉 शहीद सैनिकों की नारियों को आवास निर्माण सहायता राशि 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है।
👉 हल्द्वानी में सैनिक परिवारों के बच्चों के लिए 150 सीटों वाला आधुनिक छात्रावास बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा,

“सैनिक कभी ‘पूर्व’ नहीं होता, वह जीवनभर सैनिक ही रहता है। उसका अनुशासन और समर्पण राष्ट्र की असली शक्ति है।”

उन्होंने देश की रक्षा और स्वावलंबन की दिशा में बढ़ते कदमों का ज़िक्र करते हुए कहा कि आज भारत अपने सैन्य उपकरण खुद बना रहा है — ब्रह्मोस और आकाश मिसाइलों की सफलता इसका प्रमाण है।


🌸 वीर नारियों का सम्मान – एक भावनात्मक क्षण

सम्मेलन में नैनीताल की 31 और ऊधमसिंहनगर की 13 वीर नारियों को मुख्यमंत्री धामी ने शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा — यह क्षण केवल सम्मान का नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व का था।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा,

“यह केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि देवभूमि के उन अमर सपूतों को नमन है जिन्होंने देश की खातिर सब कुछ न्योछावर कर दिया।”

उन्होंने बताया कि जल्द ही उत्तराखंड का पंचम धाम – सैन्य धाम लोकार्पित किया जाएगा। वीरता पदक प्राप्त सैनिकों को नि:शुल्क बस यात्रा सुविधा दी गई है, और अब तक 22 हजार से अधिक सैनिकों को रोजगार प्रदान किया जा चुका है।

जोशी ने यह भी बताया कि हल्द्वानी में बनने वाले छात्रावास के लिए 6.4 हेक्टेयर भूमि का चिन्हांकन कर लिया गया है, और मुख्यमंत्री शीघ्र ही इसका शिलान्यास करेंगे।


🌄 “उत्तराखंड सैनिक बाहुल्य प्रदेश है” – वन मंत्री सुबोध उनियाल

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड सैनिकों की भूमि है। यहाँ का हर परिवार किसी न किसी रूप में देशसेवा से जुड़ा है, और राज्य सरकार लगातार उनके कल्याण के लिए कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद महेन्द्र भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, रामसिंह कैड़ा, डॉ. मोहन बिष्ट, मेयर गजराज बिष्ट, कुमाऊँ आयुक्त दीपक रावत, डीएम ललित मोहन रयाल, एसएसपी मंजूनाथ टीसी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और पूर्व सैनिक मौजूद रहे।