सीमाओं पर डटे सपूतों की हिम्मत को किया सलाम, कहा — “आपकी सेवा ही असली राष्ट्रभक्ति है”
पिथौरागढ़ | बुधवार का दिन सीमांत गांव मिलम के लिए खास रहा। बर्फ से ढकी चोटियों के बीच,
जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आईटीबीपी के जवानों और स्थानीय ग्रामीणों से मिलने पहुंचे,
तो पूरा इलाका मानो गर्व से भर उठा।
मुख्यमंत्री ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों के साथ मुलाकात कर उनके अदम्य साहस
और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी निभाई जा रही राष्ट्रसेवा की दिल से सराहना की। उन्होंने कहा —
“सीमाओं की रक्षा में तैनात हमारे जवान न केवल देश की सुरक्षा करते हैं, बल्कि अपने त्याग और अनुशासन से हर भारतीय को प्रेरित करते हैं।”
🌄 सीमांत जीवन और विकास की बातें भी हुईं
मुख्यमंत्री धामी ने इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों से संवाद करते हुए क्षेत्र के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य
और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चलाया
जा रहा ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ अब गांवों के कायाकल्प की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
इस योजना के तहत सीमांत गांवों को सड़क, स्वास्थ्य, संचार और शिक्षा जैसी सुविधाओं से जोड़ा जा रहा
है ताकि यहां के युवा गांव में रहकर ही आत्मनिर्भर बन सकें।
🤝 सीमांत नागरिकों के जज्बे को नमन
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत इलाकों में बसने वाले लोग हमारे राष्ट्र के प्रहरी हैं। सरकार उनके जीवन
स्तर को बेहतर बनाने और विकास की नई रोशनी पहुँचाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
🏗️ मुख्यमंत्री की घोषणाएँ
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ भी कीं —
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मुनस्यारी के जोहार क्लब में एक इनडोर स्टेडियम बनाया जाएगा।
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मिलम गांव के नंदा देवी मंदिर का सौंदर्यीकरण कराया जाएगा।
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बिल्जू गांव में सामुदायिक मिलन केंद्र का निर्माण किया जाएगा।
इस मौके पर आईटीबीपी के आईजी संजय गुंज्याल, स्थानीय ग्रामीण और जवान बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
सीमांत हवा में उस दिन गर्व और एकता की भावना गूंज रही थी — जैसे हिमालय खुद कह रहा हो, “सीमा सुरक्षित है,
क्योंकि हमारे सपूत जाग रहे हैं।”










