देहरादून, 22 अक्टूबर 2025 —
देहरादून एक बार फिर देशभर की सुर्खियों में आने वाला है। दिसंबर में यहां होगा जनसंपर्क का सबसे बड़ा संगम — पीआरएसआई (Public Relations Society of India) का 47वां राष्ट्रीय सम्मेलन-2025।
राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने बुधवार को सम्मेलन के ब्रोशर का विमोचन करते हुए कहा — “जनसंपर्क सिर्फ सूचना का माध्यम नहीं, यह समाज और सरकार के बीच भरोसे की डोर है, जो विकास की गति को दिशा देती है।” 🌿
🌍 ‘विकसित भारत @2047’ की ओर जनसंपर्क का नया विज़न
यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन 13 से 15 दिसंबर 2025 तक देहरादून में आयोजित होगा। इसका विषय रखा गया है — “विकसित भारत @2047 के लिए जनसंपर्क विज़न”।
सांसद बंसल ने कहा कि यह आयोजन उस समय हो रहा है जब उत्तराखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रहा है — “ऐसे अवसर पर यह सम्मेलन राज्य के लिए गर्व का प्रतीक है और युवाओं के लिए सीखने का मंच बनेगा।”
💬 जनसंपर्क: विश्वास और संवाद की रीढ़
बंसल ने कहा, “जनसंपर्क सिर्फ संदेश नहीं पहुंचाता, यह दिलों को जोड़ने का काम करता है। जनता और शासन के बीच विश्वास कायम करने में इसकी भूमिका निर्णायक होती है।”
उन्होंने विश्वास जताया कि यह सम्मेलन भारत@2047 के विज़न को जन-आंदोलन का रूप देने में मदद करेगा।
🧠 देशभर के विशेषज्ञ होंगे शामिल
पीआरएसआई देहरादून चैप्टर के अध्यक्ष रवि बिजारनियां ने बताया कि इस आयोजन में देशभर से जनसंपर्क विशेषज्ञों, मीडिया प्रतिनिधियों, कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स और शिक्षाविदों की भागीदारी होगी।
सम्मेलन में डिजिटल मीडिया की बदलती भूमिका, लोकसंचार के नए आयाम, और जनसंपर्क के नवाचार जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा।
🚀 ‘कम्युनिकेशन से कनेक्शन तक’ – सम्मेलन का सार
आयोजकों ने बताया कि यह सम्मेलन न केवल विचारों का आदान-प्रदान करेगा, बल्कि जनसंपर्क के नए प्रयोगों को साझा करने का अवसर भी देगा — ताकि आने वाला भारत संवाद, संवेदनशीलता और नवाचार की शक्ति से आगे बढ़े।
विमोचन कार्यक्रम में अनिल सती, सुरेश चंद्र भट्ट, अनिल वर्मा, वैभव गोयल, संजय पांडे, नवीन कंडारी, दीपक नौटियाल, सुशील सती और सुनील राणा सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।









