24 नवंबर 2025, देहरादून।
गोवा की समुद्री हवा और फ़िल्मी रौनक के बीच इस बार IFFI Waves Film Bazaar 2025 में जो सबसे ज़्यादा चर्चा में
रहा—वह था उत्तराखंड का पवेलियन। 20 से 24 नवंबर तक चले इस फिल्म बाज़ार में देश–दुनिया से आए फिल्म
निर्माता, निर्देशक और इंटरनेशनल प्रोडक्शन कंपनियाँ उत्तराखंड की खूबसूरत लोकेशंस, सुविधाओं और नई फिल्म नीति
की ओर खिंचे चले आए।
उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी और नोडल अधिकारी डॉ. नितिन उपाध्याय ने
बताया कि इस साल का फिल्म बाज़ार राज्य के लिए बेहद खास रहा। बंगाली, तमिल, मलयालम, गुजराती, मराठी सहित
कई भाषाओं के फिल्ममेकर्स ने उत्तराखंड को अपनी अगली फिल्मों की शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में चुनने में गहरी
दिलचस्पी दिखाई।
कई विदेशी निर्देशकों ने तो सीधे मंच पर ही कहा—“उत्तराखंड हमारी अगली शूट लोकेशन होगी।” यह राज्य सरकार
की सक्रिय नीतियों और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा दिए गए निर्देशों का नतीजा है कि आज उत्तराखंड की फिल्म
नीति की चमक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिख रही है।
नंदा देवी राजजात 2026 बनी चर्चा का केंद्र – विदेशी फिल्ममेकर्स डॉक्यूमेंट्री बनाने को उत्साहित 🎥🌄
वेव्स फिल्म बाज़ार में आने वाली नंदा देवी राजजात यात्रा 2026 भी बड़ी चर्चा में रही। कई विदेशी फिल्म निर्माताओं ने
इस अद्भुत और आध्यात्मिक यात्रा पर डॉक्यूमेंट्री शूट करने की मंशा जताई। देवभूमि की सांस्कृतिक गहराई और
आध्यात्मिकता ने वहां मौजूद हर मेहमान का दिल जीत लिया।
ऑस्ट्रेलिया से हॉन्ग-कॉन्ग तक, कई देशों की कंपनियाँ उत्तराखंड की नीतियों से प्रभावित 🌏
पवेलियन पर Australia, Hong Kong, Finland, Russia, Kyrgyzstan, Japan, New Zealand समेत
कई देशों की फिल्म संस्थाओं व प्रोडक्शन हाउस के प्रतिनिधि पहुंचे और उन्होंने राज्य की फिल्म नीति की विस्तार से जानकारी
ली।
ऑस्ट्रेलियन फिल्ममेकर सुवीं ग्राहम ने तो यह भी घोषणा कर दी कि वह फरवरी 2026 में उत्तराखंड आकर लोकेशंस
का निरीक्षण करेंगी।
इंटरनेशनल प्रोड्यूसर अरफ़ी लांबा भी हुए मुरीद
Bombay Berlin Film Productions (BBFP) के CEO और अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माता अरफ़ी लांबा ने भी उत्तराखंड
की फिल्म नीति की जमकर तारीफ की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी कंपनी विदेशी फिल्ममेकर्स को उत्तराखंड लाने
में सक्रिय भूमिका निभाएगी।
भारत सरकार ने भी की नीति की सराहना
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के डायरेक्टर फिल्म्स राजेश कुमार शर्मा ने पवेलियन का भ्रमण किया और
राज्य सरकार के संवादात्मक और उद्योग–हितैषी दृष्टिकोण को सराहा।










