📍 खटीमा | 13 जनवरी 2026
उत्तरायणी कौतिक से गूंजा खटीमा: मुख्यमंत्री धामी ने पर्वतीय विकास भवन की घोषणा की, संस्कृति–विकास का दिया मजबूत संदेश 🎯
खटीमा की ठंडी सुबह में जब ढोल-दमाऊ की थाप गूंजी और पारंपरिक रंगों में सजी उत्तरायणी कौतिक की छटा बिखरी, तो माहौल सिर्फ मेले का नहीं, बल्कि संस्कृति, संकल्प और विकास का बन गया।
कुमाऊँ सांस्कृतिक उत्थान मंच द्वारा बीज निगम परिसर में आयोजित उत्तरायणी कौतिक मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खटीमा को एक और बड़ी सौगात देते हुए पर्वतीय विकास भवन के निर्माण की घोषणा की और जिलाधिकारी को भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने उत्तरायणी मेले को राज्य कैलेंडर में शामिल कर आर्थिक सहायता देने और समिति के अनुरोध पर स्थायी मंच निर्माण की भी घोषणा की।
☀️ “उत्तरायणी सिर्फ पर्व नहीं, जीवन दर्शन का उत्सव”
मुख्यमंत्री ने अपने भावनात्मक संबोधन में कहा कि मकर संक्रांति का पर्व आध्यात्मिक ही नहीं, वैज्ञानिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा—
“सूर्य देव के उत्तरायण होने के साथ यह पर्व हमारे जीवन में नई ऊर्जा, नई उम्मीद और नई शुरुआत का संदेश लेकर आता है। उत्तरायणी केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी आस्था, हमारी संस्कृति और हमारे जीवन दर्शन का उत्सव है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बच्चे पारंपरिक वाद्ययंत्रों पर नृत्य करते हैं, युवा लोकगीत गाते हैं और माताएं-बहनें पारंपरिक वेशभूषा में सजकर इस उत्सव में भाग लेती हैं, तो यह विश्वास और गहरा होता है कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर सुरक्षित हाथों में है।
🏔️ “खटीमा मेरा घर है, आप मेरा परिवार”
मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा से अपने भावनात्मक जुड़ाव को साझा करते हुए कहा—
“खटीमा मेरे लिए सिर्फ एक विधानसभा नहीं, मेरा घर है। यहीं से मेरी जनसेवा की यात्रा शुरू हुई और यहां की हर गली, हर गांव, हर चेहरा मेरे दिल में बसता है।”
उन्होंने बताया कि सरकार ने खटीमा में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं।
हाईटेक बस स्टैंड, आधुनिक आईटीआई व पॉलीटेक्निक, 100 बेड का नया अस्पताल, राष्ट्रीय स्तर का अत्याधुनिक खेल स्टेडियम, गदरपुर–खटीमा बाईपास, नौसर पुल और सड़कों का व्यापक नेटवर्क—ये सभी खटीमा के बदलते स्वरूप की पहचान बन चुके हैं।
🇮🇳 विकास के साथ सख्त फैसले, जीरो टॉलरेंस की नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने एक ही वर्ष में बेरोजगारी दर में रिकॉर्ड 4.4% की कमी की है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देवभूमि की संस्कृति, डेमोग्राफी और कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा।
लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी मानसिकताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई, दंगारोधी व धर्मांतरण विरोधी कानून, 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराना, 250 से अधिक अवैध मदरसों पर कार्रवाई और 500 से ज्यादा अवैध संरचनाओं पर बुलडोजर—सरकार के मजबूत इरादों का प्रमाण हैं।
👩🦰 मातृशक्ति को विशेष संदेश
मुख्यमंत्री ने मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कहा—
“उत्तराखंड की संस्कृति की असली वाहक आप हैं। महिला सशक्तिकरण हमारे लिए नारा नहीं, बल्कि संकल्प है।”
उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून, डीबीटी के माध्यम से पारदर्शी योजनाएं, और भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस ने उत्तराखंड को नई पहचान दी है।
आज प्रदेश की अर्थव्यवस्था राज्य गठन के समय की तुलना में 26 गुना बढ़ चुकी है और बजट 1 लाख करोड़ रुपये को पार कर चुका है।
✨ “विकल्प रहित संकल्प” का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा—
“ये देवभूमि है। यहां विकास भी होगा, संस्कृति भी बचेगी और राष्ट्रविरोधी सोच को यहां कोई जगह नहीं मिलेगी। उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाना हमारा विकल्प रहित संकल्प है।”
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और हजारों मेलार्थी मौजूद रहे, जिससे उत्तरायणी कौतिक एक जनउत्सव में तब्दील हो गया।









