परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री धामी बोले – “संस्कृति बचेगी तो पहचान बचेगी” 🎯
देहरादून
उत्तराखंड की लोक आत्मा, परंपरा और आधुनिक विकास का संगम एक बार फिर परेड ग्राउंड में देखने को मिला, जब सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव का भव्य समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति ने आयोजन को और भी विशेष बना दिया।
मुख्यमंत्री ने मंच से लोक कलाकारों, साहित्यकारों, शिल्पकारों और दूर-दराज़ से आए जनसमूह का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि उत्तरायणी कौथिक जैसे आयोजन उत्तराखंड की सांस्कृतिक रीढ़ को मज़बूत करते हैं। यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।
सीएम धामी ने सेवा संकल्प फाउंडेशन, उसकी संस्थापक श्रीमती गीता धामी और पूरी आयोजन समिति की खुले दिल से सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन राज्य की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती देते हैं। लोक कलाएं, पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प और कारीगरी—सब कुछ इस महोत्सव में जीवंत रूप में सामने आया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जागर, बेड़ा, मांगल, खुदेड़, छोपाटी जैसे लोकगीत और छोलिया, पांडव, झोड़ा-छपेली जैसे लोकनृत्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक आत्मा हैं। इनका संरक्षण केवल सरकार नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्टॉलों में प्रदर्शित पारंपरिक हस्तशिल्प, जैविक उत्पाद और उत्तराखंडी व्यंजनों की भी प्रशंसा की। 🧺🥗
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वोकल फॉर लोकल, मेक इन इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों से देश आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है। इसी सोच के साथ उत्तराखंड सरकार भी “विकल्प रहित संकल्प” के मंत्र पर आगे बढ़ रही है।
उन्होंने बताया कि एक जनपद–दो उत्पाद, हाउस ऑफ हिमालयाज, स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल और कीवी मिशन, नई पर्यटन नीति, फिल्म नीति, होम-स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना से स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ताक़त मिली है।
मुख्यमंत्री ने आंकड़ों के साथ प्रदेश की उपलब्धियां गिनाते हुए बताया कि रिवर्स पलायन में 44% की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि किसानों की आय बढ़ाने में उत्तराखंड देश में पहले स्थान पर है। रोजगार, स्टार्टअप और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य ने राष्ट्रीय पहचान बनाई है।
नीति आयोग के SDG इंडेक्स 2023-24 में पहला स्थान, स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर’, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में ‘अचीवर’, पर्यटन में बेस्ट वाइल्डलाइफ और एडवेंचर डेस्टिनेशन, और राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार 2024—ये उपलब्धियां उत्तराखंड की बदलती तस्वीर बयान करती हैं। 🏔️🏆
लोक कलाकारों के संरक्षण पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने सत्यापित सूची के आधार पर 3,200 से अधिक कलाकारों को आर्थिक सहायता, वरिष्ठ कलाकारों को पेंशन, और गुरु–शिष्य परंपरा के तहत प्रशिक्षण की व्यवस्था की है। साहित्य, संस्कृति और स्थानीय भाषाओं के संरक्षण के लिए भी निरंतर प्रयास जारी हैं।
इस अवसर पर सेवा संकल्प फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी श्रीमती गीता धामी ने कहा कि उत्तरायणी कौथिक केवल एक संस्था का आयोजन नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड का उत्सव है। चार दिनों तक राज्य की संस्कृति, उत्पाद और जीवनशैली को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया।
उन्होंने कहा, “आधुनिकता के साथ संस्कृति का संरक्षण जरूरी है। जब तक संस्कृति जीवित है, तब तक हमारी पहचान जीवित है।” उन्होंने स्थानीय उत्पादों को अपनाने और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण में सहभागिता की अपील की।
श्रीमती गीता धामी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता, सख्त नकल विरोधी कानून और रोजगार सृजन जैसे फैसलों से उत्तराखंड आज नए आयाम स्थापित कर रहा है।










