सीएम धामी ने की योग साधना, नई नीति से उत्तराखंड बनेगा योग की वैश्विक राजधानी

देवभूमि में बसी योग की धड़कन: सीएम धामी ने योग साधना कर प्रदेशवासियों से की आत्मिक जुड़ाव की अपील 🧘‍♂️🌿

देहरादून, 19 जून 2025:
गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री आवास परिसर में कुछ अलग ही दृश्य था। हरियाली के बीच शांत वातावरण में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जब योगमुद्रा में बैठे, तो मानो पूरी प्रकृति एक लय में सांस ले रही थी 🌄। उनके साथ मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी भी योग की साधना में लीन दिखे। यह सिर्फ एक अभ्यास नहीं, बल्कि उत्तराखंड की आत्मा से जुड़ने का प्रयास था।

मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेशवासियों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा —

“योग केवल शरीर का व्यायाम नहीं, यह आत्मा का उत्सव है ✨। यह हमें भीतर की उस गहराई से जोड़ता है, जहां मन शांत होता है और चेतना जागती है।”

उन्होंने बताया कि भारत की सनातन संस्कृति में योग जीवन का मूल आधार है, और यही कारण है कि आज पूरी दुनिया इसे अपनाकर भारतीय जीवनशैली को अपना रही है 🌐। योग अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह विश्व की आत्मा से जुड़ चुका है

धामी ने याद दिलाया कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रस्ताव रखा, जिसे 177 देशों ने समर्थन दिया और तब से 21 जून को हर साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है 📅।

मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि

“उत्तराखंड ऋषि-मुनियों की तपोभूमि है, जहां योग केवल परंपरा नहीं, जीवन का हिस्सा है।” 🙏

सरकार ने गांव-गांव तक योग को पहुँचाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सिर्फ शारीरिक और मानसिक लाभ ही नहीं, बल्कि योग को रोजगार का साधन भी बनाया जा रहा है 💼।

🎯 इसी दिशा में सरकार ने ‘नई योग नीति’ की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य उत्तराखंड को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करना है।

“आज समय है कि हम अपने अस्तित्व को पहचानें, जीवन की भागदौड़ में भीतर की शांति ढूंढ़ें — और उसका सबसे सरल, सशक्त मार्ग है योग।” 🕉️