देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में हुई महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों के सामने राज्य के लिए एक दूरगामी और ऐतिहासिक विज़न रखा। सीएम ने निर्देश दिए कि गढ़वाल और कुमाऊं—दोनों मंडलों में एक-एक स्प्रिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन (Spiritual Economic Zone) बनाने के लिए विस्तृत रोडमैप तुरंत तैयार किया जाए।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि यह पहल सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि उत्तराखंड को वैश्विक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम होगी।
धार्मिक धरोहर से रोज़गार तक, सीधा लाभ पहाड़ के युवाओं को 🎯
सीएम धामी ने कहा कि प्रस्तावित स्प्रिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन के तहत:
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धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों की सुरक्षा व संवर्धन होगी,
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तीर्थस्थलों और उनके आसपास के इलाकों का समग्र विकास किया जाएगा,
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स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार और स्वरोजगार के नए दरवाज़े खुलेंगे,
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और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।
उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि इसी वित्तीय वर्ष से इस योजना को धरातल पर उतारने की शुरुआत की जाए।
इस ज़ोन में विशेष रूप से इन क्षेत्रों को बढ़ावा देने पर ज़ोर रहेगा:
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योग और ध्यान
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आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा
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स्थानीय हस्तशिल्प और पहाड़ी उत्पाद
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सांस्कृतिक उत्सव व आयोजन
सीएम ने कहा कि जब ये सब एक साथ मजबूत होंगे, तो उत्तराखंड की पहचान एक सशक्त ‘आध्यात्मिक राजधानी’ (Spiritual Capital) के रूप में और गहरी हो जाएगी।
शीतकालीन यात्रा पर फोकस: सर्दी में भी सजेगा देवभूमि का पर्यटन 🏔️❄️
बैठक में मुख्यमंत्री ने शीतकालीन यात्रा व्यवस्थाओं को और मज़बूत बनाने पर भी खास ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि सिर्फ चारधाम यात्रा के मौसम में ही नहीं, बल्कि सर्दियों में भी पर्यटक उत्तराखंड आएं, इसके लिए ठोस तैयारी करनी होगी।
सीएम ने निर्देश दिए कि:
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प्रमुख शीतकालीन स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाए,
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यात्रा, आवास, परिवहन और सुरक्षा व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाया जाए,
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ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विविधता का पूरे आराम और सुरक्षा के साथ आनंद ले सकें।
उन्होंने कहा कि शीतकालीन यात्रा स्थलों का आक्रामक और रचनात्मक प्रचार-प्रसार किया जाए—
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पारंपरिक माध्यमों (अख़बार, रेडियो, पोस्टर आदि)
के साथ-साथ -
आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म (सोशल मीडिया, वेबसाइट, डिजिटल कैंपेन)
का भी भरपूर उपयोग हो, ताकि उत्तराखंड की पर्यटन संभावनाएं वैश्विक स्तर तक पहुंच सकें।
विकास, आध्यात्म और रोज़गार – तीनों पर एक साथ काम 🎯
मुख्यमंत्री धामी ने बैठक में साफ संदेश दिया कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ पर्यटन बढ़ाना नहीं, बल्कि आम जनता के जीवन स्तर में वास्तविक सुधार लाना है।
उन्होंने कहा:
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विकास की हर योजना में सतत विकास (Sustainable Development) की सोच हो,
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प्राकृतिक संसाधनों और आध्यात्मिक धरोहरों की इज़्ज़त और सुरक्षा हो,
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और हर कदम पर स्थानीय लोगों, खासकर युवाओं और महिलाओं के लिए अवसरों का विस्तार हो।
सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि:
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योजनाओं के लिए ठोस व व्यावहारिक कार्यनीति तैयार की जाए,
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प्रत्येक चरण की समयबद्ध मॉनिटरिंग हो,
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और ज़मीन पर दिखने वाला काम ही असली प्रगति मानी जाए।









