देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित उत्तराखंड हथकरघा एवं हस्तशिल्प विकास परिषद के कार्यक्रम में शिरकत की। इस मौके पर उन्होंने प्रदेश के 11 प्रतिभाशाली शिल्पियों को ‘उत्तराखंड शिल्प रत्न पुरस्कार’ से सम्मानित किया और विभिन्न हस्तशिल्प स्टॉलों का निरीक्षण भी किया।
सम्मानित शिल्पियों में उत्तरकाशी की श्रीमती जानकी देवी और श्रीमती भागीरथी देवी, बागेश्वर के श्री इन्द्र सिंह, अल्मोड़ा के श्री लक्ष्मण सिंह व श्री भूपेन्द्र सिंह बिष्ट, हल्द्वानी से श्री जीवन चन्द्र जोशी व श्री मोहन चन्द्र जोशी, नैनीताल के श्री जानकी बिष्ट, हल्दूचौड़ के श्री जगदीश पाण्डेय, चमोली के श्री प्रदीप कुमार और श्रीमती गुड्डी देवी, तथा उत्तरकाशी के श्री महिमानन्द तिवारी शामिल रहे।
🎖️ “शिल्पी हमारी सांस्कृतिक धरोहर के संवाहक”
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड की बुनाई और हस्तशिल्प कला अपने पारंपरिक डिज़ाइनों और गुणवत्ता के लिए विश्वभर में जानी जाती है। उन्होंने हर्षिल की ऊनी शाल, मुनस्यारी-धारचूला की थुलमा, अल्मोड़ा की ट्वीड, छिनका की पंखी और पिछौड़े के डिज़ाइनों को राज्य की पहचान बताया।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि भांग और बांस के रेशों से बने वस्त्र आज देशभर में लोकप्रिय हो रहे हैं और उत्तराखंड के कारीगर इन्हें वैश्विक बाजार तक पहुँचाकर आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करेंगे।
🕯️ आपदा पीड़ितों को श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने हाल ही में राज्य के विभिन्न हिस्सों में आई आपदा में दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा कि सरकार तेज़ी और संवेदनशीलता के साथ पुनर्वास कार्य कर रही है।
🌍 लोकल से ग्लोबल की ओर
धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल”, “लोकल टू ग्लोबल” और “मेक इन इंडिया” अभियानों को शिल्पियों के लिए वरदान बताया। उन्होंने कहा कि विश्वकर्मा योजना, राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम और कौशल सम्मान योजनाएं शिल्पियों को नई दिशा दे रही हैं।
राज्य स्तर पर सरकार भी शिल्पी पेंशन योजना, कौशल विकास प्रशिक्षण, शिल्प रत्न पुरस्कार, मेलों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए स्थानीय उत्पादों के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा दे रही है।
सीएम धामी ने कहा—
“यदि हर नागरिक स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देगा, तो यह न केवल आत्मनिर्भर भारत को मज़बूत बनाएगा बल्कि शिल्पियों, कारीगरों और किसानों को भी नई ऊर्जा देगा।”
✨ कार्यक्रम में मौजूद रहे
इस अवसर पर परिषद के उपाध्यक्ष वीरेन्द्र दत्त सेमवाल, विधायक सरिता आर्य, सुरेश गड़िया, बाल आयोग अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, सचिव उद्योग विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक उद्योग डॉ. सौरभ गहरवार और प्रदेशभर से आए हस्तशिल्पी बड़ी संख्या में शामिल रहे।










