उत्तराखंड में शुरू हुई शहीद सम्मान यात्रा 2, सैन्य धाम तक पहुंचेगी वीरों की मिट्टी

देहरादून। उत्तराखंड की वीरभूमि ने एक बार फिर अपने शहीदों को श्रद्धा और कृतज्ञता के साथ याद किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को शहीद सम्मान यात्रा 2 का शुभारंभ शहीद राइफलमैन नरेश कुमार के गुज़राड़ा मानसिंह स्थित आवास से किया। इस अवसर पर उन्होंने शहीद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके आंगन की पवित्र मिट्टी एकत्र कर आगामी सैन्य धाम में स्थापित करने का संकल्प लिया।

🌺 मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा उन अमर बलिदानियों को समर्पित है, जिन्होंने अपने आज को हमारे कल के लिए न्यौछावर कर दिया।

“शहीदों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। यह हमें त्याग, सेवा और समर्पण के वास्तविक मूल्य सिखाता है,” सीएम धामी ने भावुक होकर कहा।


शहीद परिवारों के लिए योजनाएँ

सीएम ने बताया कि राज्य सरकार शहीद परिवारों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएँ चला रही है।

  • 2018 से अब तक 28 शहीद आश्रितों को नियुक्ति दी जा चुकी है और 13 की प्रक्रिया जारी है।

  • शहीद परिजनों के लिए अनुग्रह अनुदान 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया है।

  • परमवीर चक्र अलंकृत सैनिकों और उनकी विधवाओं को मिलने वाली राशि 50 लाख से बढ़ाकर अब 1.50 करोड़ रुपये की गई है।

  • पूर्व सैनिकों को ब्लॉक प्रतिनिधि मानदेय भी 8,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है।


सैन्य धाम से जुड़ेगा सम्मान

देहरादून के गुनियाल गाँव में बन रहा सैन्य धाम इस सम्मान यात्रा का केंद्र बनेगा। यहाँ प्रदेश के प्रत्येक शहीद सैनिक के आंगन से लाई गई मिट्टी स्थापित की जा रही है। अब तक 1,734 वीर सैनिकों की मिट्टी सैन्य धाम लाई जा चुकी है। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि वर्ष 2021 से शुरू हुई यह परंपरा अब और भव्य रूप ले रही है।

इस बार यात्रा के दौरान 2021 से 2025 के बीच शहीद हुए 32 वीर सैनिकों सहित कुल 71 वीरों के घर-आंगन से मिट्टी एकत्र की जाएगी। यह यात्रा 4 अक्टूबर तक चलेगी और 5 अक्टूबर को लैंसडाउन में एक गरिमामय समारोह में शहीद परिवारों को सम्मानित किया जाएगा।


“शौर्य को प्रणाम”

सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार शहीदों और उनके परिजनों के सम्मान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान सैनिक कल्याण विभाग के अधिकारी हर शहीद परिवार के घर जाकर उनकी पवित्र मिट्टी कलश में एकत्र करेंगे, जिसे सैन्य धाम में स्थापित किया जाएगा।

इस मौके पर बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। पूरे माहौल में राष्ट्रप्रेम और शहीदों के प्रति आभार की गूंज सुनाई दी।