पहाड़ की धरती से इस बार बजट की दिशा तय करने की अनोखी पहल सामने आई है। जनपद पौड़ी के रांसी स्थित बहुउद्देश्यीय भवन में आयोजित बजट पूर्व संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी ने माहौल को खास बना दिया।
यह कोई औपचारिक बैठक नहीं थी, बल्कि आम लोगों की उम्मीदों, संघर्षों और सपनों की खुली चौपाल थी — जहां किसान, महिला समूह, उद्यमी, पर्यटन कारोबारी, मत्स्य पालक और जनप्रतिनिधि सीधे सरकार से रूबरू हुए।
मुख्यमंत्री ने साफ कहा —
👉 “बजट सिर्फ आय-व्यय का हिसाब नहीं, बल्कि विकसित उत्तराखंड का रोडमैप है। इसमें हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।”
🎯 “जनता बोलेगी, नीति बनेगी” — सरकार का नया संदेश
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा बजट तैयार करना है जो जमीन से जुड़ा हो, क्षेत्रीय जरूरतों को समझे और आम लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करे।
उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों तक जाकर सुझाव लेना इस बात का संकेत है कि विकास का लाभ आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प मजबूत है।
राज्य के विकास का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि
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होमस्टे नीति से रोजगार बढ़ा
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महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूती मिली
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निवेश और स्वरोजगार के नए अवसर बने
🧭 बजट में दिखेगा पहाड़ का विज़न
संवाद में आए सुझावों ने स्पष्ट किया कि पहाड़ के लोग विकास का अपना अलग मॉडल चाहते हैं। प्रमुख मुद्दे रहे:
🌾 ग्रामीण और कृषि विकास
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पर्वतीय खेती को बढ़ावा
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बागवानी और हाई-वैल्यू फसलें
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जंगली जानवरों से फसल सुरक्षा
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कोल्ड स्टोरेज और क्लस्टर खेती
🏙️ शहरी सुविधाएं
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सोलर सिटी की अवधारणा
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पार्किंग और सफाई व्यवस्था
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नगर निकायों के संसाधन बढ़ाना
🏭 उद्योग और रोजगार
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पहाड़ में उद्योग लगाने पर सब्सिडी
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स्थानीय उत्पाद आधारित उद्योग
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आईटीआई को उद्योगों से जोड़ना
👩🌾 महिला सशक्तिकरण
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हर जिले में प्रशिक्षण केंद्र
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ब्याज मुक्त ऋण
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स्थानीय सेवाओं में प्राथमिकता
🏔️ पर्यटन विकास
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होमस्टे के लिए आसान ऋण
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छोटे पर्यटन स्थलों का विकास
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नेचर और एग्री टूरिज्म
⚡ ऊर्जा, स्वच्छता और गांवों का भविष्य
गांवों में सोलर प्लांट, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सीवर लाइन और पंचायतों को मजबूत करने जैसे सुझाव भी प्रमुखता से सामने आए।
सरकार ने भरोसा दिया कि सभी सुझावों का गंभीरता से परीक्षण होगा और उन्हें आगामी बजट में शामिल किया जाएगा।
🚀 2047 का लक्ष्य — आत्मनिर्भर और अग्रणी राज्य
मुख्यमंत्री ने फिर दोहराया कि उत्तराखंड को वर्ष 2047 तक देश का अग्रणी और आत्मनिर्भर राज्य बनाने का लक्ष्य तय है।
उन्होंने कहा —
👉 “जनभागीदारी से बना बजट ही राज्य की विकास यात्रा को नई गति देगा।”










