देहरादून। क्रिकेट प्रेमियों और खिलाड़ियों के लिए रविवार का दिन खास रहा। राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम रायपुर में आयोजित उत्तराखंड प्रीमियर लीग 2025 का भव्य समापन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। हरिद्वार एलमास ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया।
मुख्यमंत्री धामी ने विजेता टीम को बधाई देते हुए कहा—“जीत और हार खेल का हिस्सा हैं, लेकिन असली मायने रखते हैं अनुशासन, टीमवर्क और आगे बढ़ने का जज्बा। यही युवा पीढ़ी की पहचान है।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ ने देश में खेल संस्कृति की नई नींव डाली है। उत्तराखंड सरकार भी इसी राह पर चलते हुए प्रदेश को खेलों की नई पहचान देने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।
धामी ने कई बड़े ऐलान किए—
- प्रदेश में 23 खेल अकादमियाँ बनाई जाएँगी, जहाँ हर साल 920 एथलीटों को प्रशिक्षण मिलेगा।
- हल्द्वानी में बनेगा पहला खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज।
- नई खेल नीति के तहत पदक विजेताओं को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी।
- खिलाड़ियों को मिलेगा 4% खेल कोटा, साथ ही उत्तराखंड खेल रत्न और हिमालय खेल रत्न पुरस्कार से सम्मान।
- स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान के तहत उत्तराखंड को बनाया जाएगा खेल प्रतिभाओं का केंद्र।
सीएम ने कहा कि हाल ही में हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह साबित करता है कि “देवभूमि” अब “खेलभूमि” के रूप में भी अपनी पहचान बना रही है।
उन्होंने महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए गर्व से कहा कि राज्य की बेटियाँ राघवी बिष्ट, प्रेमा रावत और नंदनी कश्यप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय टीम में जगह बना चुकी हैं। यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।
समापन में मुख्यमंत्री ने युवाओं को संदेश दिया— “सफलता का एक ही मंत्र है– ‘विकल्प रहित संकल्प’। जिस भी क्षेत्र में जाओ, पूरी ताकत से लीडर बनकर उभरो।”
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक उमेश शर्मा, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के पदाधिकारी, खेल विभाग के अधिकारी और हजारों दर्शक मौजूद रहे।









