📍 देहरादून | हिन्दू नववर्ष 2026
देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत को एक नई पहचान देते हुए, आज पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में सनातन परंपराओं पर आधारित पंचांग कैलेंडर का भव्य विमोचन किया। यह पहल सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा पहली बार की गई है, जो राज्य की सांस्कृतिक जड़ों को संजोने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
🌸 संस्कृति और आस्था को जोड़ने की पहल
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर कहा कि उत्तराखंड सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की जीवंत आत्मा है। यहां की परंपराएं केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह लोगों की दिनचर्या, सामाजिक ढांचे और जीवन के मूल्यों से गहराई से जुड़ी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि यह पंचांग कैलेंडर आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम बनेगा—एक ऐसा सेतु, जो परंपरा और आधुनिकता के बीच संतुलन बनाएगा।
🪔 सिर्फ तारीख नहीं, परंपरा का दर्पण
यह पंचांग कैलेंडर केवल तिथि और वार बताने वाला साधन नहीं है, बल्कि इसमें—
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व्रत-त्योहारों की विस्तृत जानकारी
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पर्वों का सांस्कृतिक महत्व
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विशेष धार्मिक अवसरों का उल्लेख
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और देवभूमि के प्रमुख आस्था स्थलों की झलक
को बेहद सुंदर और सरल तरीके से प्रस्तुत किया गया है।
🏔️ देवभूमि के तीर्थों की झलक एक ही जगह
इस कैलेंडर में उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों को खास स्थान दिया गया है, जो न केवल श्रद्धा के केंद्र हैं, बल्कि राज्य की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान भी हैं। इससे यह कैलेंडर एक सूचना दस्तावेज के साथ-साथ प्रेरणादायक सांस्कृतिक संकलन भी बन गया है।
🤝 विभाग की सराहना, भविष्य के लिए उम्मीद
मुख्यमंत्री ने सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले समय में इस पंचांग को और भी समृद्ध और व्यापक बनाया जाएगा, ताकि यह हर घर तक पहुंचे और हर नागरिक के लिए उपयोगी साबित हो।
इस मौके पर सचिव विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।









