उत्तराखंड की सड़कों को नई रफ्तार: दिल्ली में गडकरी–धामी बैठक में बड़े फैसले

देवभूमि उत्तराखंड की सड़कों पर विकास की रफ्तार और तेज़ होने जा रही है।
नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुई एक अहम बैठक ने साफ़ संकेत दे दिए हैं कि पहाड़ से मैदान तक कनेक्टिविटी अब केवल सपना नहीं, बल्कि ठोस हकीकत बनने की ओर बढ़ रही है।


दिल्ली में गूंजी उत्तराखंड की आवाज़, सड़कों पर तेज़ी को मिली नई मंज़िल 🎯

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पूरे दमखम के साथ उत्तराखंड के सड़क भविष्य का पक्ष रखा। बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की उन सड़कों का ज़िक्र किया, जो सिर्फ़ डामर नहीं बल्कि पहाड़ के लोगों की ज़िंदगी, रोज़गार, सुरक्षा और सपनों से जुड़ी हैं।

मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश बाईपास, अल्मोड़ा-दन्या-पनार-घाट, ज्योलिकोट-खैरना-गैरसैंण-कर्णप्रयाग और अल्मोड़ा-बागेश्वर-कांडा-उडियारी बैंड जैसे महत्वपूर्ण मार्गों को लेकर प्रस्ताव रखे और इन्हें शीघ्र स्वीकृति देने का आग्रह किया। उनका कहना था कि ये सड़कें तीर्थयात्रा और पर्यटन के साथ-साथ सीमावर्ती सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।

ऋषिकेश बाईपास: ट्रैफिक से मिलेगी राहत 🚗

राष्ट्रीय राजमार्ग-07 के अंतर्गत तीनपानी से योगनगरी होते हुए खारास्रोत तक 12.67 किमी लंबा चार लेन बाईपास प्रस्तावित है, जिसकी लागत करीब 1161 करोड़ रुपये है। इस परियोजना में हाथी कॉरिडोर के लिए एलिवेटेड रोड, चंद्रभागा नदी पर सेतु और रेलवे ओवरब्रिज शामिल हैं। इससे नेपाली फार्म से नटराज चौक तक यातायात निर्बाध हो सकेगा।

कुमाऊं–गढ़वाल को जोड़ती नई धमनियां

  • अल्मोड़ा-दन्या-पनार-घाट मार्ग (NH-309B): 76 किमी लंबाई, लागत लगभग 988 करोड़ रुपये, दो लेन चौड़ीकरण।

  • ज्योलिकोट-खैरना-गैरसैंण-कर्णप्रयाग (NH-109): 235 किमी में दो लेन चौड़ीकरण का प्रस्ताव।

  • अल्मोड़ा-बागेश्वर-कांडा-उडियारी बैंड (NH-309A): 84 किमी लंबाई, 1001.99 करोड़ रुपये की परियोजनाएं, जिनमें कांडा-बागेश्वर खंड को वन भूमि स्वीकृति भी मिल चुकी है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की सड़कें अब केवल यात्रा का साधन नहीं, बल्कि विकास का मार्ग बन चुकी हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी के सतत प्रयासों से राज्य में आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-संतुलित सड़क नेटवर्क आकार ले रहा है।

चारधाम से एक्सप्रेसवे तक विकास की तस्वीर

चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए 12,769 करोड़ रुपये की चारधाम महामार्ग परियोजना पहले ही स्वीकृत हो चुकी है। राज्य में कुल 3,723 किमी राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क है, जिसमें से बड़ी संख्या में परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं और कई पर तेज़ी से काम चल रहा है।

दिल्ली–देहरादून कॉरिडोर के तहत छह लेन एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे, देहरादून और हरिद्वार बाईपास, बनबसा आईसीपी कनेक्टिविटी और रुद्रपुर–काशीपुर बाईपास जैसे प्रोजेक्ट उत्तराखंड को राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे नेटवर्क से सीधे जोड़ रहे हैं।

पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ब्लैक स्पॉट सुधार, साइनेज और सालभर रखरखाव की व्यवस्था की जा रही है। वहीं, सिलक्यारा–पोलगांव सुरंग का लगभग 90% सिविल कार्य पूरा हो चुका है, जिसे मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री द्वारा रखे गए प्रस्तावों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि गुणवत्ता से समझौता किए बिना सभी परियोजनाएं तय समय में पूरी की जाएं।